कानपुर देहात: कृषकों को मिली उन्नत खेती की ट्रेनिंग, कन्नौज में सब्जी उत्कृष्टता केंद्र का किया भ्रमण
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आयोजित दो दिवसीय बागवानी किसान मेला/गोष्ठी के दूसरे दिन, जनपद के किसानों को उन्नत खेती की तकनीकों से अवगत कराने के लिए कन्नौज स्थित सब्जी उत्कृष्टता केंद्र का भ्रमण कराया गया।

कानपुर देहात: राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आयोजित दो दिवसीय बागवानी किसान मेला/गोष्ठी के दूसरे दिन, जनपद के किसानों को उन्नत खेती की तकनीकों से अवगत कराने के लिए कन्नौज स्थित सब्जी उत्कृष्टता केंद्र का भ्रमण कराया गया।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. बल्देव प्रसाद के निर्देशन में, योजना प्रभारी घनश्याम के नेतृत्व में किसानों का दल उर्मदा, कन्नौज पहुंचा। यहां के वैज्ञानिक डॉ. डी.एस. यादव ने किसानों को संरक्षित खेती, विशेषकर शाकभाजी की हाईटेक नर्सरी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान मौसम के अनुसार बीज केंद्र से एक रुपये प्रति पौधा की दर से तैयार पौधे ले सकते हैं। यदि बीज उपलब्ध नहीं हो पाता है तो किसान दो से तीन महीने पहले ही विभिन्न सब्जियों जैसे टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, शिमला मिर्च आदि की पौधें दो रुपये प्रति पौधा की दर से खरीद सकते हैं। ये पौधे स्वस्थ, रोग रहित और टूटू टाईप प्लग होल ट्रे में तैयार होते हैं।
केंद्र में किए जा रहे विभिन्न प्रयोगों जैसे स्टेकिंग विधि से लतावर्गीय टमाटर, फूलगोभी, पातगोभी, लालगोभी, सलाद पत्ता, बैंगन आदि की खेती के प्रदर्शन भी किसानों को दिखाए गए। संस्थान के प्रवीन कुमार ने किसानों को बताया कि वे इन प्रदर्शनों से प्रेरणा लेकर अपनी खेती में नई तकनीकों को अपना सकते हैं।
इस भ्रमण से किसानों को निम्नलिखित लाभ हुए:
- उन्नत खेती की तकनीकों का ज्ञान: किसानों को संरक्षित खेती, हाईटेक नर्सरी, स्टेकिंग विधि आदि जैसी उन्नत खेती की तकनीकों के बारे में जानकारी मिली।
- सस्ते और स्वस्थ पौधे: किसानों को सस्ते और स्वस्थ पौधे उपलब्ध कराने की व्यवस्था के बारे में बताया गया।
- फसल उत्पादन में वृद्धि: इन नई तकनीकों को अपनाकर किसान अपने फसल उत्पादन में वृद्धि कर सकते हैं।
- आर्थिक लाभ: बेहतर उत्पादन से किसानों की आय में वृद्धि होगी।
यह भ्रमण किसानों के लिए एक सीखने का अवसर था और इससे उन्हें अपनी खेती को और अधिक लाभदायक बनाने में मदद मिलेगी।



