उरई के वृद्धाश्रम और आश्रय गृह का न्यायिक अधिकारियों ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, 19 फरवरी 2025 को न्यायिक अधिकारियों ने उरई के दो आश्रय स्थलों का औचक निरीक्षण किया। राठ रोड स्थित वृद्धाश्रम और लहरियापुरवा स्थित आश्रय गृह में अधिकारियों ने रहन-सहन, खानपान, चिकित्सा, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

उरई (जालौन): उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, 19 फरवरी 2025 को न्यायिक अधिकारियों ने उरई के दो आश्रय स्थलों का औचक निरीक्षण किया। राठ रोड स्थित वृद्धाश्रम और लहरियापुरवा स्थित आश्रय गृह में अधिकारियों ने रहन-सहन, खानपान, चिकित्सा, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
वृद्धाश्रम का निरीक्षण:
राठ रोड स्थित वृद्धाश्रम, जो समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित है, में निरीक्षण के दौरान 110 संवासी उपस्थित थे। कर्मचारियों की उपस्थिति भी सही पाई गई। संवासियों ने बताया कि उन्हें समय पर भोजन और नाश्ता मिल रहा है। मेडिकल डिस्पेंसरी में स्टाफ नर्स मौजूद थीं और आवश्यक दवाएं उपलब्ध थीं। किसी भी संवासी ने कोई शिकायत नहीं की।
आश्रय गृह का निरीक्षण:
लहरियापुरवा स्थित आश्रय गृह, जो नगर पालिका परिषद के सहयोग से संचालित है, में निरीक्षण के समय रात्रि स्टाफ और प्रबंधक को छोड़कर सभी कर्मचारी उपस्थित थे। केयर टेकर ने बताया कि प्रबंधक नगर पालिका परिषद गए हुए हैं। आश्रित रजिस्टर में कोई भी आश्रित उपस्थित नहीं मिला। कमरों में मकड़ी के जाले पाए गए, जिसके बारे में केयर टेकर ने बताया कि सफाई का कार्य चल रहा है।
निरीक्षण समिति:
निरीक्षण करने वाली समिति में अपर जिला जज शिवकुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/अपर जिला जज राजीव सरन और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे शामिल थे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक शुभम शुक्ला भी उपस्थित थे।



