कानपुर देहात: कलेक्ट्रेट में मंचा हड़कंप! समाधान दिवस में गरजे जिलाधिकारी, लापरवाही पर अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
डीएम कपिल सिंह का बड़ा एक्शन, 180 में से 5 शिकायतों का मौके पर फैसला, दो पीड़ितों को तुरंत मिली संशोधित खतौनी

कानपुर देहात की तहसील अकबरपुर में उस समय प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया जब जिलाधिकारी कपिल सिंह खुद संपूर्ण समाधान दिवस की कमान संभालने पहुंचे। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तेवर में नजर आया। जिलाधिकारी कपिल सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद और अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिग्विजय सिंह ने फरियादियों की एक-एक बात को बेहद गंभीरता से सुना और अधिकारियों को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि जनता के काम में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी।
इस जिला स्तरीय मुख्य समाधान दिवस में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे लोगों की कुल 180 शिकायतें दर्ज की गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल एक्शन लिया और 5 जटिल मामलों का मौके पर ही अंतिम निस्तारण कराकर पीड़ितों को राहत दी। जनसुनवाई के दौरान उस समय अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए जब जिलाधिकारी ने दो शिकायतकर्ताओं की खतौनी में आ रही तकनीकी गड़बड़ी को भांप लिया। उन्होंने तुरंत संबंधित पटल के कर्मचारी को तलब किया और मौके पर ही खतौनी को संशोधित कराकर दोनों पीड़ितों के हाथों में उसकी प्रति सौंप दी।
भूमि विवादों पर पुलिस-राजस्व की संयुक्त टीम करेगी प्रहार
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कड़े लहजे में स्पष्ट किया कि आईजीआरएस पोर्टल, मुख्यमंत्री संदर्भ और तहसील दिवस में आने वाली शिकायतों को पेंडिंग डालना भारी पड़ेगा। अगर निस्तारण में कोई भी उदासीनता या लापरवाही मिली, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ तत्काल निलंबन और कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सबसे ज्यादा आने वाले भूमि विवाद के मामलों के लिए सख्त निर्देश जारी किए कि अब राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम अनिवार्य रूप से मौके पर जाएगी और दोनों पक्षों की मौजूदगी में समयबद्ध व स्थाई समाधान सुनिश्चित करेगी।
अब रोजाना सुबह 10 से 12 बजे तक दफ्तरों में बैठेंगे अफसर
जनता को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए जिलाधिकारी ने नया फरमान जारी किया है। जिले के सभी श्रेणी के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने कार्यालयों में मौजूद रहकर जनसुनवाई करेंगे। सभी दफ्तरों में शिकायत पंजिका बनाई जाएगी और उसकी नियमित समीक्षा की जाएगी। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि अधिकारी जनता के साथ बेहद संवेदनशील और शिष्ट व्यवहार करें, ताकि आम नागरिकों का व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हो सके।



