झींझक में आरपीएफ ने छूटा बैग किया यात्री के सुपुर्द,यात्री ने जताया आभार
कानपुर देहात के झींझक रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ जवानों ने गुरुवार को अपनी सतर्कता,तत्परता और ईमानदारी की मिशाल पेश करते हुए एक यात्री का छूटा हुआ बैग सुरक्षित बरामद कर उसे सही हाथों तक पहुंचाया

पुखरायां।कानपुर देहात के झींझक रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ जवानों ने गुरुवार को अपनी सतर्कता,तत्परता और ईमानदारी की मिशाल पेश करते हुए एक यात्री का छूटा हुआ बैग सुरक्षित बरामद कर उसे सही हाथों तक पहुंचाया।बैग खोलने पर उसमें लाखों रुपए की नगदी और विदेशी मुद्रा मिलने से हर कोई सन्न रह गया।गुरुवार को डाउन मुरी एक्प्रेस ट्रेन से अमृतसर निवासी विशाल मिश्रा अपने माता पिता सुथलेश और सुभाषचंद्र के साथ अमृतसर से इटावा अपनी ससुराल जा रहे थे।ट्रेन के इटावा रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद जब परिवार सामान उतार रहा था तभी अफरा तफरी में एक बैग ट्रेन में ही छूट गया।इस बात की जानकारी होने पर यात्री विशाल मिश्रा ने तत्काल रेलवे हेल्पलाइन 193 पर इसकी सूचना दी।सूचना मिलते ही प्रयागराज कंट्रोल रूम से सक्रियता दिखाई और झींझक रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ कांस्टेबल हेत सिंह और देवेंद्र सिंह को अवगत कराया।जवानों ने अलर्ट रहते हुए जैसे ही मुरी एक्प्रेस ट्रेन झींझक पहुंची,बताए गए कोच में जाकर बैग सुरक्षित बरामद कर लिया।आरपीएफ की निगरानी में बैग की तलाशी ली गई जिसमें भारतीय मुद्रा साढ़े छह लाख रुपए,कनाडा डॉलर 1522,दो मोबाइल फोन,एक लैपटॉप और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पाए गए।आरपीएफ जवानों ने पूरी ईमानदारी दिखाते हुए बैग को सुरक्षित रखा और तत्काल यात्री से संपर्क किया।फोन पर सूचना मिलने पर विशाल मिश्रा तत्काल झींझक रेलवे स्टेशन पहुंचे।आरपीएफ की मौजूदगी में बैग खोलकर नगदी और अन्य सामान की गिनती की गई जो पूरी तरह सुरक्षित पाई गई।अपना खोया हुआ कीमती सामान सुरक्षित पाकर यात्री भावुक हो गया और आरपीएफ जवानों का आभार व्यक्त किया।यात्री विशाल मिश्रा ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ कनाडा में रहकर निजी नौकरी करते हैं।वह एक जनवरी को कनाडा से अमृतसर आए थे और अब ससुराल इटावा जा रहे थे।उन्होंने कहा कि झींझक आरपीएफ की तत्परता और ईमानदारी ने उनका विश्वास और मजबूत कर दिया।



