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कानपुर: आईएएस सौम्या पाण्डेय के ‘विजन’ ने कानपुर में रचा नया कीर्तिमान
आरोग्य मंथन' के मंच से लिखी गई श्रमिक कल्याण की स्वर्णिम इबारत

कानपुर। नगर के एचबीटीयू स्थित शताब्दी भवन में गुरुवार की शाम कर्मचारी राज्य बीमा योजना उत्तर प्रदेश की निदेशक आईएएस सौम्या पाण्डेय के कुशल नेतृत्व और फौलादी इरादों की गवाह बनी। उनके द्वारा संयोजित भव्य ‘आरोग्य मंथन-2025’ कार्यक्रम ने न केवल सफलता के नए झंडे गाड़े, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक ऐसे डिजिटल युग का शंखनाद कर दिया जिसकी गूंज लखनऊ तक सुनाई दी। इस ऐतिहासिक समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पधारे श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने निदेशक सौम्या पाण्डेय की दूरदर्शी सोच को धरातल पर उतरते देख उनकी मुक्तकंठ से प्रशंसा की और मंच से तीन क्रांतिकारी पहलों का शुभारंभ कर श्रमिकों को हाईटेक सुविधाओं की सौगात दी।
निदेशक सौम्या पाण्डेय की अगुवाई में आयोजित यह कार्यक्रम महज एक सरकारी रस्म अदायगी नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और संवेदनशीलता का एक अद्भुत संगम साबित हुआ। मंत्री अनिल राजभर ने जैसे ही अशोका यूनिवर्सिटी के सहयोग से बनी क्यूआर-इनेबल्ड माइक्रोसाइट का बटन दबाकर लोकार्पण किया, पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह माइक्रोसाइट निदेशक के उस संकल्प का परिणाम है जिसके तहत अब बीमित श्रमिकों को लाल फीताशाही और दफ्तरों के चक्कर से मुक्ति मिलेगी और मोबाइल के एक क्लिक पर पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही महिला श्रमिकों के आत्मसम्मान और स्वास्थ्य रक्षा के लिए ‘आरोग्य शक्ति’ अभियान और विभाग की उपलब्धियों को दर्शाती ‘आरोग्य संकल्प’ पत्रिका का विमोचन कर यह साबित कर दिया गया कि ईएसआई योजना अब पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में आ चुकी है।
समारोह के केंद्र में रहीं निदेशक सौम्या पाण्डेय ने अपने ओजस्वी संबोधन में स्पष्ट कर दिया कि उनका लक्ष्य प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विजन-2047 को अक्षरशः लागू करना है। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि आरोग्य मंथन तकनीक-सक्षम और पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में एक निर्णायक प्रहार है जो बिचौलियों की भूमिका को खत्म कर सीधे जरूरतमंदों तक मदद पहुँचाएगा। उनकी कार्यशैली और आयोजन की भव्यता ने वहां मौजूद प्रमुख सचिव श्रम डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम और विशेष सचिव नीलेश कुमार सिंह जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को भी मुरीद बना लिया। सभी ने एक स्वर में माना कि सौम्या पाण्डेय के नेतृत्व में शुरू की गई ये पहलें श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में एक नजीर बनेंगी और पीढ़ियों तक याद रखी जाएंगी।
कार्यक्रम का माहौल तब और भी जीवंत हो गया जब अटल आवासीय विद्यालय और विहान विद्यालय के नन्हें कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। ईएसआई निगम, भविष्य निधि संगठन, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और श्रमिक संगठनों के हजारों प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने बता दिया कि निदेशक की अपील का असर किस कदर हुआ है। मंत्री अनिल राजभर ने अपने समापन संदेश में कहा कि यह नई व्यवस्था और माइक्रोसाइट श्रमिकों के जीवन में उजाला लाएगी। कुल मिलाकर, आईएएस सौम्या पाण्डेय के अथक परिश्रम और विजन ने ‘आरोग्य मंथन-2025’ को कानपुर के इतिहास का एक अविस्मरणीय अध्याय बना दिया, जिसने यह संदेश दिया कि नेतृत्व अगर सशक्त हो तो व्यवस्था का कायाकल्प निश्चित है।
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