कानपुर देहात: नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में लापरवाही पर भड़के बीएसए, सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अंतिम चेतावनी
10,000 के लक्ष्य के मुकाबले जिले में अब तक केवल 1,663 असाक्षर ही हो सके चिह्नित।

राजेश कटियार, कानपुर देहात। जिले में नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 15 प्लस आयु वर्ग के असाक्षरों और वालंटियरों का उल्लास ऐप के माध्यम से सर्वे करने में बरती जा रही ढिलाई पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने कड़ा रुख अपनाया है। निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले बेहद कम प्रगति मिलने पर बीएसए ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए अंतिम चेतावनी दी है। जनपद को कुल 10000 असाक्षरों को चिह्नित करने का लक्ष्य दिया गया था। इसके विपरीत अब तक केवल 1,663 असाक्षरों का ही सर्वे (मात्र 33.26 प्रतिशत) पूरा हो सका है। इस बेहद धीमी प्रगति और विभागीय निर्देशों की अवहेलना पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है और इसे खेदजनक बताया है। ब्लॉकवार स्थिति की बात करें तो झींझक और मैथा सबसे फिसड्डी हैं। जारी आंकड़ों के मुताबिक जिले के सभी ब्लॉकों में सर्वे की स्थिति बेहद चिंताजनक है। झींझक में 1000 के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 5 लर्नर (0.5%) चिह्नित। मैथा में 1000 के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 9 लर्नर (0.9%) चिह्नित। रसूलाबाद में केवल 74 लर्नर (7.4%) चिह्नित।अकबरपुर में 146 लर्नर (14.6%) चिह्नित। मलासा में 151 लर्नर (15.1%) चिह्नित। संदलपुर में 228 लर्नर (22.8%) चिह्नित। सरवनखेड़ा में 235 लर्नर (23.5%) चिह्नित।डेरापुर में 259 लर्नर (25.9%) चिह्नित। राजपुर में 274 लर्नर (27.4%) चिह्नित। अमरौधा में 282 लर्नर (28.2%) चिह्नित किये गये हैं।
लापरवाही पर स्वयं जिम्मेदार होंगे अधिकारी
बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि स्कूल चलो अभियान के साथ-साथ इस शत-प्रतिशत सर्वे कार्य को अनिवार्य रूप से पूरा कराएं। तय समय सीमा के भीतर काम न होने या किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्यवाही की जाएगी।



