अवैध उर्वरक बिक्री पर कार्रवाई: एक लाइसेंस निरस्त, एक निलंबित
कानपुर देहात में उर्वरकों की अवैध बिक्री और अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।

कानपुर देहात: कानपुर देहात में उर्वरकों की अवैध बिक्री और अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद गजनेर क्षेत्र में दो उर्वरक भंडारों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें एक का लाइसेंस निलंबित और दूसरे का निरस्त कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जिला कृषि अधिकारी को 29 अगस्त की रात शिकायत मिली थी कि राजकुमार द्विवेदी खाद भंडार, गजनेर में रात 9:30 बजे के बाद भी उर्वरक बेचे जा रहे हैं। इस शिकायत के आधार पर 30 अगस्त को जिला कृषि अधिकारी और सहायक आयुक्त (सहकारिता) की टीम ने गजनेर में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर औचक छापा मारा।
जाकी खाद भंडार का लाइसेंस निलंबित
निरीक्षण के दौरान, जाकी खाद भंडार, गजनेर बंद पाया गया। जांच में पता चला कि प्रतिष्ठान पर न तो रेट बोर्ड लगा था और न ही स्टॉक बोर्ड अद्यतन था। एफएमएस आईडी 1064748 में 36.54 मीट्रिक टन यूरिया प्रदर्शित हो रहा था, जबकि संचालक ने फोन पर बताया कि भौतिक स्टॉक शून्य है। इस गंभीर अनियमितता के चलते फर्म का उर्वरक बिक्री प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिया गया है।
राजकुमार द्विवेदी खाद भंडार का लाइसेंस निरस्त
राजकुमार द्विवेदी खाद भंडार, गजनेर के निरीक्षण में भी कई गड़बड़ियां पाई गईं। यहां रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड नवंबर 2024 से अपडेट नहीं थे। पीओएस मशीन में 112 बोरी यूरिया दिख रही थी, जबकि मौके पर सिर्फ 70 बोरी उपलब्ध थी। इसके अलावा, वितरण रजिस्टर की जांच में यह भी सामने आया कि दो बीघा वाले व्यक्ति को चार बोरी यूरिया दी गई, जबकि नियम के अनुसार एक बीघा पर एक बोरी ही दी जानी चाहिए। उर्वरक वितरण में मनमानी को देखते हुए इस फर्म का उर्वरक बिक्री प्राधिकार पत्र निरस्त कर दिया गया है।
सख्त चेतावनी
जिला कृषि अधिकारी ने जनपद के सभी थोक और फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराएं। बिना पीओएस मशीन के बिक्री नहीं की जाएगी और स्टॉक रजिस्टर को हर दिन अद्यतन किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



