कानपुर देहात: राजपुर के चर्चित विवाहिता हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी पति को मिली आजीवन कारावास की सजा
दोषी अमरजीत पर 15,000 रुपये का अर्थदंड भी लगा, जुर्माना न देने पर काटनी होगी एक साल की अतिरिक्त जेल।

कानपुर देहात। जनपद के राजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत वैना गांव में हुए एक सनसनीखेज विवाहिता हत्याकांड में माननीय न्यायालय एडीजे/एफटीसी-द्वितीय ने आज अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी पति अमरजीत को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सख्त सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 15,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यदि दोषी इस जुर्माना राशि को अदा नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। इसी मामले में साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने आरोपी के माता-पिता (सास-ससुर) को दोषमुक्त कर दिया है।
दहेज प्रताड़ना के बाद जान से मारने का दर्ज हुआ था मुकदमा
अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक मामला 20 सितंबर 2023 का है। राजपुर थाने के वैना गांव के रहने वाले अमरजीत, उसके पिता बृजनारायण और मां मालती के खिलाफ वादी ने अपनी बहन को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मांग पूरी न होने पर जान से मार देने का मुकदमा (मु0अ0सं0 71/2023 धारा 498ए/304बी/316 भादवि व 3/4 डीपी एक्ट) दर्ज कराया था।
पुलिस की वैज्ञानिक जांच और कोर्ट की सख्त टिप्पणी
मुकदमे की कमान संभालते हुए विवेचक ने बेहद गुणवत्तापूर्ण जांच की और घटना से जुड़े सभी पुख्ता भौतिक व वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर 25 दिसंबर 2023 को माननीय न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत में सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने पाया कि मामला सिर्फ दहेज हत्या का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर हत्या का है। इसके चलते अदालत ने आरोपियों को मूल धाराओं से मुक्त करते हुए वैकल्पिक धारा 302 (हत्या) के तहत पति अमरजीत को मुख्य दोषी ठहराया।
‘ऑपरेशन कनविक्शन’ से अपराधियों के हौसले पस्त
जघन्य अपराधों में पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ (Operation Conviction) अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत राजपुर थाना पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन पक्ष और मॉनिटरिंग सेल ने मिलकर हर तारीख पर मजबूत पैरवी की। गवाहों को समय पर कोर्ट में पेश कर उनके सटीक बयान दर्ज कराए गए, जिससे दोषी को कानून के शिकंजे से बचने का कोई मौका नहीं मिला। पुलिस प्रशासन के अनुसार, न्यायालय का यह सख्त फैसला समाज में महिला अपराधों पर अंकुश लगाने और अपराधियों में कानून का डर पैदा करने के लिए एक बड़ी नजीर साबित होगा।



