कानपुर देहात: रसूलाबाद के चर्चित हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, 10 साल बाद 4 दोषियों को 6-6 साल की सश्रम जेल
जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को भुगतनी होगी एक-एक वर्ष की अतिरिक्त जेल।

कानपुर देहात। जनपद के रसूलाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत करीब एक दशक पुराने एक सनसनीखेज हत्याकांड में माननीय न्यायालय एडीजे-4 ने आज अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने एक महिला की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में नामजद चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए 6-6 वर्ष के कठोर कारावास (सश्रम कारावास) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी दोषियों पर 11,200-11,200 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना राशि अदा न करने की स्थिति में दोषियों को एक-एक वर्ष की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
लाठी-डंडों और पत्थरों से पीटकर की थी बुजुर्ग महिला की हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह पूरी घटना 9 मई 2016 की है। रसूलाबाद थाने के भूरदेव कहिंजरी गांव के रहने वाले जगदीश, सोनू, कुलदीप और राकेश ने पुरानी रंजिश या विवाद के चलते वादी की मां पर लाठी-डंडों और पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। इस बर्बर हमले में गंभीर चोटें आने के कारण महिला की मौत हो गई थी। घटना के बाद रसूलाबाद थाने में संबंधित धाराओं (मु0अ0सं0 192/2016 धारा 323/504/336/304 भादवि) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
ऑपरेशन कनविक्शन और पुलिस की मजबूत पैरवी लाई रंग
मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचक ने गुणवत्तापूर्ण जांच करते हुए घटना से जुड़े सभी पुख्ता वैज्ञानिक और भौतिक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद 8 अगस्त 2016 को ही कोर्ट में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दी गई थी। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर गंभीर अपराधों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ (Operation Conviction) के तहत इस केस को प्राथमिकता पर रखा गया था।
थाना रसूलाबाद पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन पक्ष और पुलिस की विशेष मॉनिटरिंग सेल ने अदालत में हर तारीख पर बेहद प्रभावी पैरवी की। गवाहों को समय पर पेश कर उनके बयान दर्ज कराए गए और अदालत के सामने मजबूत साक्ष्य रखे गए, जिसके चलते आरोपियों का बचना नामुमकिन हो गया।
कानून व्यवस्था की मजबूती और अपराधियों में खौफ के लिए नजीर
माननीय न्यायालय एडीजे-4 ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन करने और गवाहों के बयानों के आधार पर चारों आरोपियों को महिला की हत्या का दोषी माना और जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, न्यायालय द्वारा दिया गया यह सख्त फैसला समाज में जघन्य अपराधों की रोकथाम, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने की दिशा में एक बेहद प्रभावी कदम साबित होगा।



