एनपीएस और यूपीएस के विरोध में अटेवा ने मनाया काला दिवस
अटेवा पेंशन बचाओ मंच उत्तर प्रदेश के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जनपद कानपुर देहात के समस्त पेंशन विहीन शिक्षकों कर्मचारियों 1 अप्रैल को काला दिवस के रूप में मनाते हुए अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शित किया। उत्तर प्रदेश सरकार की सरकारी नौकरियों में 1 अप्रैल 2005 के पश्चात पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर नवीन पेंशन योजना लागू की गई

- कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर मांगी पुरानी पेंशन
कानपुर देहात। अटेवा पेंशन बचाओ मंच उत्तर प्रदेश के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जनपद कानपुर देहात के समस्त पेंशन विहीन शिक्षकों कर्मचारियों 1 अप्रैल को काला दिवस के रूप में मनाते हुए अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शित किया। उत्तर प्रदेश सरकार की सरकारी नौकरियों में 1 अप्रैल 2005 के पश्चात पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर नवीन पेंशन योजना लागू की गई। और उसके बाद 1 अप्रैल 2025 से यूपीएस लागू की गई। इस बाजार आधारित व्यवस्था के कारण सरकारी कर्मचारियों का बुढ़ापा अंधकारमय हो गया है क्योंकि पुरानी पेंशन व्यवस्था में जहां सेवानिवृत्ति के पश्चात सुनिश्चित रकम का प्रावधान था वहीं पर नवीन पेंशन योजना में सेवानिवृत्त होने वाला कर्मचारी 200 300 से लेकर हजार पांच सौ रुपए पा रहा है जो उसके बुढ़ापे को असुरक्षित बना रहा है। अतः कर्मचारियों ने सरकार से यह अपील की है कि नवीन पेंशन योजना और यूनिफाइड पेंशन स्कीम कर्मचारी विरोधी है इसे हटा कर पूर्व की भांति पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करे जिससे कर्मचारियों एवं शिक्षकों के बुढ़ापे में सम्मान की रक्षा हो सके। जिले के विभिन्न विकास खंडों में अटेवा पदाधिकारियों ने ब्लॉक संयोजक प्रदीप कुमार यादव के नेतृत्व में कार्य स्थलों पर अटेवा की टोपी लगाकर एवं काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शित किया गया।
माध्यमिक स्तर पर श्री रामस्वरूप ग्रामोद्योग इंटर कॉलेज पुखरायां, ग्राम विकास इंटर कॉलेज बुधौली, सरस्वती इंटर कॉलेज सिकंदरा, अकबरपुर इंटर कॉलेज अकबरपुर, जनता इंटर कालेज असालतगंज रसूलाबाद, नेहरू इंटर कॉलेज गजनेर, श्री कृष्ण औद्योगिक इंटर कॉलेज मोहम्मदपुर सहित जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी कुलदीप सैनी ने बताया कि 1 अप्रैल 2005 के पश्चात सरकारी नौकरियों में पुरानी पेंशन व्यवस्था को खत्म कर दिया गया था। पुरानी पेंशन कर्मचारियों की बुढ़ापे की लाठी है। उनका आत्मसम्मान स्वाभिमान है। जिसे शेयर बाजार के हवाले कर हमारे हितों पर कुठाराघात किया गया है। कर्मचारी अपनी पुरानी पेंशन को पाने के लिए सरकार से मांग करता है। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष डॉ पंकज संखवार, ज्योति शिखा मिश्रा, अनुपम प्रजापति, मृदुला तिवारी, बिहारी लाल आनंद, अखिलेश कुमार पाल, अनंत त्रिवेदी सहित जिले एवं ब्लाक पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।



