कानपुर देहात: खाकी दागदार, ₹7000 की घूस के लिए डीसीएम चालक को 3 घंटे बंधक बनाकर घुमाया, दोनों सिपाही सस्पेंड
यूपी 112 की गाड़ी देखकर गाड़ी से कूदकर भागे थे दोनों आरोपी सिपाही।

कानपुर देहात: जनपद में रिश्वतखोरी के आरोप में ट्रैफिक पुलिस के दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।इन पर एक डीसीएम चालक से सात हजार रुपए मांगने और उसे करीब तीन घंटे तक सड़क पर घुमाने का आरोप है।मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।यह घटना 21 जून की रात की है।
एटा जिले के रिजौर थाना क्षेत्र के मिर्जापुर साईं निवासी डीसीएम चालक हनुमान शर्मा कानपुर की ओर जा रहे थे।अकबरपुर ओवरब्रिज से पहले यातायात पुलिस में तैनात सिपाही देवेंद्र सिंह ने उनकी गाड़ी रोकी।आरोप है कि सिपाही देवेंद्र सिंह ने अपने साथी सिपाही देवेंद्र चाहर जो सादे कपड़ों में था को डीसीएम में बैठा दिया।दोनों सिपाहियों ने चालक से सात हजार रुपए की मांग की।रूपये न देने पर वाहन को थाने में बंद कराने की धमकी दी गई।
चालक के मुताबिक रुपए न मिलने पर डीसीएम को करीब तीन घंटे तक हाइवे और अन्य सड़कों पर घुमाया जाता रहा।इसी दौरान यूपी 112 पुलिस गाड़ी देख दोनों सिपाही डीसीएम से कूदकर भाग गए।मामला पुलिस अधीक्षक की चौखट तक पहुंचा।जिसके बाद पूरे मामले की जांच कराई गई।प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर एस पी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने दोनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि मामले की जांच क्षेत्राधिकारी सिकंदरा को सौंपी गई है।जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
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