कानपुर देहात के लाल, शहीद चतुर सिंह को 19 साल बाद भी याद किया गया
दंतेवाड़ा हमले के शहीद चतुर सिंह को श्रद्धांजलि, परिजनों का सम्मान

- सीआरपीएफ ने कानपुर देहात के शहीद चतुर सिंह को दी श्रद्धांजलि
- शहीद चतुर सिंह की पुण्यतिथि पर उनके स्मारक पर विशेष कार्यक्रम आयोजित
कानपुर देहात: दंतेवाड़ा 3 सितंबर 2005 को दंतेवाड़ा ज़िले में हुए नक्सली हमले में 21 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। इसी हमले में जनपद कानपुर देहात की मैथा तहसील के काशीपुर निवासी शहीद चतुर सिंह (सिपाही जीडी, CRPF) भी वीरगति को प्राप्त हुए थे।
शहीद चतुर सिंह की स्मृति में सरकार की ओर से विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर शहीद स्थल स्मारक पर पहुँचे सीआरपीएफ के जवान अशोक कुमार भारद्वाज ने सलामी देकर वीर जवान को नमन किया। साथ में परिजनों को शाल पहनाकर सम्मानित किया गया
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही शहीद परिवारों के लिए मुआवज़ा एवं सम्मान योजना की घोषणा भी की गई।
इस मौके पर शहीद के परिजनों एवं क्षेत्रीय लोगों ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित प्रमुख जनों में भाई डॉ. सुरेंद्र सिंह गौर, रामदास सिंह गौर,भैरव सिंह गौर, शंभु सिंह गौर, विकास सिंह गौर, सुभाष सिंह गौर, पंकज सिंह (पुत्र), जगमोहन सिंह गौर तथा प्रवीण सिंह गौर (जिला अध्यक्ष, करणी सेना भारत, कानपुर देहात) सहित अनेक लोग शामिल रहे।



