कानपुर देहात: द्वितीय चरण में 9 एआरपी का हुआ चयन, बीएसए ने आवंटित किए विकासखंड
₹5000 प्रतिमाह भत्ता देय, प्रतिमाह 30 विद्यालयों का ऑनलाइन सपोर्टिव सुपरविजन अनिवार्य।

राजेश कटियार, कानपुर देहात। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत द्वितीय चरण की चयन प्रक्रिया पूरी करते हुए 9 अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) की तैनाती कर दी गई है, फिलहाल अभी भी एआरपी के 10 पद रिक्त हैं। पहले चरण में जनपद में 31 एआरपी चयनित हुए थे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) द्वारा संयुक्त रूप से जारी सूची में चयनित एआरपी को उनके संबंधित विषय और आवंटित विकासखंडों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
चयनित एआरपी और उनके आवंटित क्षेत्र
जारी सूची के अनुसार विभिन्न विषयों के लिए निम्नलिखित शिक्षकों को एआरपी पद पर तैनात किया गया है- मोवेन्द्र सिंह गौर सामाजिक विषय विकासखंड डेरापुर, आशीष कुमार दोहरे सामाजिक विषय विकासखंड झींझक, विमल कुमार सामाजिक विषय विकासखंड संदलपुर, आदित्य कुमार त्रिपाठी हिन्दी विकासखंड डेरापुर, सतीश कुमार हिन्दी विकासखंड मैथा, इन्द्र कुमार हिन्दी विकासखंड रसूलाबाद, सुरेश चन्द्र हिन्दी विकासखंड राजपुर, प्रदीप कुमार अंग्रेजी विकासखंड झींझक, अवधेश कुमार विज्ञान विकासखंड झींझक तैनात किया गया है।
मिलेगा 5000 रुपये प्रति माह भत्ता
आदेश के मुताबिक सभी नवनियुक्त एआरपी को जनपद स्तर से अधिकतम 5000 रुपये प्रति माह मोबिलिटी/टीएलएम भत्ता देय होगा। स्पष्ट किया गया है कि इनके मूल वेतनमान में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी और उनका वेतन पूर्व की भांति उनके मूल विद्यालय से ही आहरित (निकाला) किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यात्रा भत्ता या अन्य कोई भत्ता देय नहीं होगा। विभाग ने एआरपी के दायित्वों और कार्यप्रणाली को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए हैं। एआरपी मुख्य रूप से विद्यालय समय अवधि में ही कार्य करेंगे। विशेष आवश्यकता होने पर ही वे स्कूल समय के बाद ब्लॉक संसाधन केंद्र पर जा सकेंगे। एआरपी की नियमित उपस्थिति उनके द्वारा प्रेरणा ऐप पर अपलोड की जाने वाली सपोर्टिव सुपरविजन रिपोर्ट के आधार पर ही मान्य होगी। प्रत्येक महीने की 25 तारीख तक एआरपी को अगले महीने की कार्ययोजना और भ्रमण कार्यक्रम जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) के माध्यम से बीएसए और डायट प्राचार्य को अनिवार्य रूप से सौंपनी होगी। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी को साप्ताहिक भ्रमण कार्यक्रम और प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। प्रत्येक एआरपी को एक महीने में न्यूनतम 30 विद्यालयों का और एक दिन में अधिकतम 2 यूनिक विद्यालयों का ऑनलाइन सपोर्टिव सुपरविजन करना अनिवार्य होगा।
3 दिनों में संभालना होगा कार्यभार
बीएसए द्वारा निर्देशित किया गया है कि सभी चयनित एआरपी को आदेश जारी होने के 3 दिनों के भीतर जिला परियोजना कार्यालय में अपना कार्यभार ग्रहण करना होगा। पदस्थापना के बाद उनका कार्यक्षेत्र पूरी तरह से संबंधित ब्लॉक ही रहेगा।
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