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कानपुर देहात पुलिस का बड़ा एक्शन: अमेजन पार्सल धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश, 8 लाख कैश व कार के साथ 2 शातिर गिरफ्तार

डिलीवरी बॉय बनकर ओरिजिनल एप्पल प्रोडक्ट निकालते थे बाहर, हीटगन से पैकेट खोलकर रख देते थे डमी सामान; भोगनीपुर पुलिस व एसओजी टीम को मिली सफलता

भोगनीपुर (कानपुर देहात)। अपर पुलिस महानिदेशक (कानपुर जोन) अनुपम कुलश्रेष्ठ व पुलिस उपमहानिरीक्षक (कानपुर रेंज) यमुना प्रसाद के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के कुशल निर्देशन में अपराध व अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत भोगनीपुर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की जालसाजी करने वाले अमेजन पार्सल धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस टीम ने चौराहे से बील्हापुर जाने वाले मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के पास से घेराबंदी कर गिरोह के दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है

पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान रोहित ठाकुर उर्फ डिफाल्टर उर्फ कुणाल शर्मा (उम्र 29 वर्ष) और मंजीत गुप्ता उर्फ जीनियस (उम्र 35 वर्ष) निवासीगण गणेशगंज, कस्बा व थाना कालपी, जनपद जालौन के रूप में हुई है। इनके पास से पुलिस ने 8 लाख रुपये नकद, 3 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 6 सिम कार्ड, एक किया (KIA) कार (संख्या UP77AU2265) तथा एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (संख्या UP78FY4829) बरामद की है

रूरा निवासी वादी की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा:

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वादी महेन्द्र कुमार निवासी शिवाजीनगर (कस्बा व थाना रूरा, कानपुर देहात) की लिखित तहरीर के आधार पर थाना भोगनीपुर में मु०अ०सं० 240/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। जांच और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। अभियुक्तों का पुराना आपराधिक इतिहास भी है, जिसमें रोहित के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज और मंजीत के खिलाफ कानपुर नगर के गोविंदनगर थाने में जालसाजी के मुकदमे पहले से दर्ज हैं

पूछताछ में खुला जालसाजी का सनसनीखेज तरीका:

पकड़े गए शातिर अभियुक्तों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उन्होंने करीब डेढ़ महीने पहले पुखरायां स्थित अमेजन डिलीवरी ऑफिस का दुरुपयोग कर महंगे सामानों की धोखाधड़ी की योजना बनाई थी। योजना के तहत रोहित ठाकुर ने कुणाल शर्मा के नाम से अमेजन में डिलीवरी बॉय की नौकरी ज्वाइन की और कालपी का रूट हासिल कर लिया। इसके बाद मंजीत गुप्ता अपने मोबाइल से उसी रूट पर एप्पल वॉच, एप्पल एयरपॉड्स और रिस्ट वॉच जैसे हाई-वैल्यू प्रोडक्ट कैश ऑन डिलीवरी व ऑनलाइन पेमेंट मोड पर ऑर्डर करता था

सामान जैसे ही पुखरायां ऑफिस आता, रोहित उसे लेकर निकलता और उसी समय मंजीत उन ऑर्डर्स को कैंसिल (निरस्त) कर देता था। आर्डर निरस्त होते ही कंपनी से ऑनलाइन रिफंड उनके खातों में वापस आ जाता था। इसके बाद दोनों रास्ते में हीटगन (Heat Gun) की सहायता से पार्सल की टेप को गर्म कर बिना पैकेट को नुकसान पहुंचाए खोल लेते थे और मूल असली सामान निकालकर उसकी जगह डमी (कॉपी) सामान रख देते थे। फिर पैकेट को वैसे ही चिपकाकर रोहित उसे ऑफिस में निरस्त माल के रूप में जमा कर देता था

10 लाख का सामान दिल्ली-कानपुर में बेचा:

अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 1 जून से 11 जून के बीच करीब 10 लाख रुपये के प्रोडक्ट इस तरह पार किए और उन्हें दिल्ली व कानपुर के व्यापारियों को फर्जी ऑनलाइन बिल दिखाकर कम दामों में बेच दिया। बेचे गए माल से मिले 10 लाख रुपयों में से 8 लाख रुपये पुलिस ने नकद बरामद कर लिए हैं, जबकि शेष 2 लाख रुपये इनके बैंक खातों में हैं, जिन्हें फ्रीज कराने की विधिक कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है

सराहना की पात्र रही यह पुलिस टीम:

इस शातिर गिरोह को दबोचने वाली टीम में भोगनीपुर थाने के उपनिरीक्षक (SI) मोहित मिश्रा, उपनिरीक्षक अमरेंद्र प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल पुष्पेंद्र सिंह, कांस्टेबल कुलदीप समाधिया, रिक्रूट कांस्टेबल अमित कुमार और महिला रिक्रूट कांस्टेबल प्रिया यादव मुख्य रूप से शामिल रहे, जिनकी सफलता की जिले भर में सराहना हो रही है

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