कानपुर देहात: बीएसए की बड़ी कार्यवाही सभी खंड शिक्षा अधिकारियों का रोका वेतन
वित्तीय अनुशासनहीनता और लापरवाही पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की सख्त कार्रवाई, बजट खर्च का हिसाब न देना पड़ा भारी

कानपुर देहात। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने एक बड़ा प्रशासनिक हंटर चलाया। वित्तीय अनुशासनहीनता, लापरवाही और आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों का जुलाई 2026 का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।
सरकारी धन के खर्च का हिसाब न देना और कारण बताओ नोटिस को नजरअंदाज करना इन अधिकारियों को भारी पड़ गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत समग्र शिक्षा और बेसिक शिक्षा के विभिन्न मदों (जैसे खेलकूद, बालचर/स्काउटिंग और अन्य योजनाओं) के लिए बजट जारी हुआ था। अधिकारियों ने इस बजट के वास्तविक खर्च का उपभोग प्रमाण पत्र और मूल दस्तावेज विभाग को नहीं सौंपे। बीएसए कार्यालय द्वारा इससे पहले 12 जून 2026 को पत्र और 1 जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
खंड शिक्षा अधिकारियों ने न तो कोई जवाब दिया और न ही दस्तावेज जमा किए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस लापरवाही को अत्यंत खेदजनक और राजकीय कर्मचारी आचरण नियमावली के पूरी तरह विपरीत माना। बीएसए ने साफ कर दिया है कि जब तक सभी मांगी गई सूचनाएं और दस्तावेज कार्यालय में भौतिक रूप से जमा नहीं हो जाते तब तक वेतन जारी नहीं होगा।
आदेश में सख्त लहजे में कहा गया है कि जिस दिन वांछित अभिलेख कार्यालय को प्राप्त होंगे उसी दिन वेतन बहाली पर विचार किया जाएगा। इस कड़े फैसले के बाद से जिले के शिक्षा महकमे में खलबली मची हुई है और इसे भ्रष्ट व ढीले रवैये के खिलाफ एक बड़ी नजीर माना जा रहा है।



