कानपुर देहात: महापुरुषों के नाम पर बन रहे स्मृति द्वार, एमएलसी निधि से सज रहा जनपद
अब तक सात में से छह द्वार हुए स्थापित, अंतिम दो द्वार जल्द लगेंगे
कानपुर देहात। भारतीय संस्कृति और राष्ट्र के महापुरुषों को सम्मान देने की पहल के तहत, स्नातक एमएलसी अरुण पाठक की निधि से कानपुर देहात जनपद में स्मृति द्वारों की स्थापना की जा रही है। इन द्वारों के निर्माण कार्य की स्थानीय लोगों द्वारा जमकर प्रशंसा की जा रही है। एमएलसी ने महापुरुषों के नाम पर कुल सात द्वारों का प्रस्ताव जिला प्रशासन को दिया था, जिनमें से अधिकांश स्थापित हो चुके हैं।
स्थापित हो चुके हैं ये प्रमुख द्वार
एमएलसी अरुण पाठक के प्रतिनिधि बाल जी शुक्ला ने बताया कि इस कड़ी में अब तक जनपद के विभिन्न स्थानों पर छह स्मृति द्वारों की स्थापना की जा चुकी है, जिनमें शामिल हैं:
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अकबरपुर: राम लला स्मृति द्वार
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नवीपुर गजनेर मार्ग: सम्राट पृथ्वी राज चौहान स्मृति द्वार
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रसूलाबाद विषधन रोड: भगवान परशुराम स्मृति द्वार
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सिकंदरा: सम्राट चंद्र गुप्त स्मृति द्वार
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रनिया मैथा मार्ग: भगवान शिव की उपासक राजमाता अहिल्या बाई होलकर स्मृति द्वार
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रायपुर गजनेर मार्ग: जनसंघ के अध्यक्ष रहे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मृति द्वार
जल्द लगेंगे दो और द्वार
बाल जी शुक्ला ने आगे बताया कि महापुरुषों के सम्मान की इस श्रृंखला में जल्द ही दो और महत्वपूर्ण स्मृति द्वारों की स्थापना की जाएगी। ये द्वार हैं:
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भोगनीपुर घाटमपुर मार्ग पर: दानवीर सेठ भामा शाह स्मृति द्वार
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एक अन्य स्थल पर: लौह पुरुष सरदार वल्लभ पटेल स्मृति द्वार
एमएलसी अरुण पाठक की इस पहल को जनपद में संस्कृति और इतिहास के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे युवा पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और महापुरुषों के योगदान के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।



