कानपुर देहात में दहेज की वेदी पर चढ़ी विवाहिता, 6 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज
शादी के दो साल बाद अतिरिक्त दहेज की मांग ने ली जान, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी

कानपुर देहात: कानपुर देहात के अकबरपुर थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न और हत्या का एक बेहद ही दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने समाज को एक बार फिर शर्मसार कर दिया है। एक नवविवाहिता को उसके ससुराल वालों ने कथित तौर पर कम दहेज का ताना देकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। जब उनकी अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी नहीं हुई, तो आरोपियों ने मिलकर उसे फांसी लगाकर मौत के घाट उतार दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद, मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति समेत 6 लोगों के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
भोगनीपुर कस्बे के निवासी मो. इमरान ने अकबरपुर थाने में जो रिपोर्ट दर्ज कराई है, वह इस त्रासदी की पूरी कहानी बयां करती है। इमरान ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन नाजरीन की शादी 16 नवंबर 2021 को अकबरपुर के शंकरदयालनगर कस्बे के रहने वाले मो. हारून के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार धूमधाम से हुई थी। शादी में उन्होंने दान-दहेज भी दिया था, लेकिन शादी के कुछ ही दिन बाद से नाजरीन के ससुराल वाले कम दहेज का ताना देने लगे। दहेज की इस लालसा ने धीरे-धीरे उत्पीड़न का रूप ले लिया।
इमरान ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि शादी के सिर्फ दो दिन बाद ही ससुरालियों ने एक बेहद अपमानजनक कदम उठाया। वे मोटरसाइकिल को छोड़कर नाजरीन के दहेज का बाकी सारा सामान वापस उसके मायके में फेंक गए। इस घटना ने नाजरीन के परिवार को गहरा आघात पहुंचाया। इसी के साथ, उन्होंने अतिरिक्त दहेज के रूप में 5 लाख रुपए की मांग करना शुरू कर दिया। इमरान ने बताया कि उनकी बहन को रोज-रोज ताने दिए जाते थे और उसे बुरी तरह से प्रताड़ित किया जाता था।
अपनी बेटी को इस पीड़ा से बचाने के लिए नाजरीन के परिजनों ने हार मान ली और बड़ी मुश्किल से 2 लाख 50 हजार रुपए ससुरालियों को दिए। उन्हें लगा था कि इतने पैसों के बाद उनकी बेटी का उत्पीड़न बंद हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लालच की आग और भड़क उठी और ससुराल वाले नाजरीन से और ज्यादा पैसों की मांग करने लगे।
इमरान ने आरोप लगाया है कि बीते 10 सितंबर 2025 को उत्पीड़न की पराकाष्ठा हो गई। नाजरीन के ससुरालवालों, जिसमें पति मो. हारून, ससुर मो. नौशाद अली, सास बेबी, देवर इमरान, ननद रोजी और ननदोई जीशान शामिल थे, ने मिलकर एक बार फिर नाजरीन को बेरहमी से मारा-पीटा। आरोप है कि उसी रात करीब 11 बजे, इन सभी ने मिलकर फांसी लगाकर नाजरीन की हत्या कर दी।
इस जघन्य अपराध की जानकारी मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। अकबरपुर के कोतवाल हरमीत सिंह ने बताया कि मो. इमरान की तहरीर के आधार पर सभी 6 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत दहेज उत्पीड़न और हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कोतवाल ने बताया कि सभी आरोपी घटना के बाद से ही फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को शीर्ष प्राथमिकता पर रखा गया है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर समाज में दहेज की कुप्रथा के गहरे घावों को उजागर करती है। शिक्षित समाज में भी इस तरह की घटनाओं का होना चिंताजनक है। नाजरीन की मौत ने उसके परिवार को तोड़ा है, लेकिन साथ ही यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि जब तक इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म नहीं किया जाता, तब तक ऐसी त्रासदियां होती रहेंगी। अब नाजरीन के परिवार की निगाहें पुलिस और न्याय प्रणाली पर टिकी हैं, ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके।



