शिक्षकों की छुट्टियां मंजूर करने में अधिकारियों की अभी भी चल रही है मनमानी
उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की छुट्टियां मंजूर करने में अभी भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों की मनमानी चल रही है। शिक्षकों का अवकाश भले ही मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन माध्यम से हो रहा हो लेकिन वह अधिकारियों के रहमोंकरम पर ही टिका हुआ है। मानव संपदा पोर्टल की रिपोर्ट में अवकाश स्वीकृति में विलंब या अस्वीकृत होने के हजारों प्रकरण प्रकाश में आए हैं

कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की छुट्टियां मंजूर करने में अभी भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों की मनमानी चल रही है। शिक्षकों का अवकाश भले ही मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन माध्यम से हो रहा हो लेकिन वह अधिकारियों के रहमोंकरम पर ही टिका हुआ है। मानव संपदा पोर्टल की रिपोर्ट में अवकाश स्वीकृति में विलंब या अस्वीकृत होने के हजारों प्रकरण प्रकाश में आए हैं। जहां परिषदीय शिक्षकों को छुट्टी देने में जौनपुर सबसे आगे है तो कानपुर देहात काफी पीछे। कानपुर देहात में शिक्षकों के अवकाश पर अफसर जल्दी मोहर नहीं लगाते। जब स्कूल महानिदेशक के स्तर से इसकी स्क्रीनिंग की गई तो ज्यादातर बड़े शहर इस मामले में फिसड्डी साबित हुए हैं। जौनपुर में जो भी छुट्टियों के लिए आवेदन किए गए उसमें से 93.53 फीसदी का निस्तारण कर दिया गया। दिसंबर के पहले पखवाड़े तक की रिपोर्ट के अनुसार यहां किसी को ज्यादा भटकना नहीं पड़ा।
इसी तरह अलीगढ़ (93.25) और भदोही (93.19) में भी परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को अधिक परेशान नहीं होना पड़ा। इसी तरह औरैया (92.08), बलिया (92.09), बस्ती (92.74), फिरोजाबाद (92.48), गोंडा (92.79), खीरी (92.74), संत कबीर नगर (92.63), सोनभद्र (92.04), वाराणसी (92.42) में आसानी से अवकाश मिल रहा है। वैसे तो शत प्रतिशत अवकाश के आवेदनों का निस्तारण होना चाहिए फिर भी इन जनपदों की रिपोर्ट को सकारात्मक माना गया है। कानपुर देहात समेत कई जनपदों में छुट्टी लेना आसान नहीं है। सबसे खराब स्थिति शामली (86.53) लखनऊ और गौतम बुद्ध नगर की है जहां केवल 86.61 फीसदी के अवकाश आवेदनों का निस्तारण हो सका। कानपुर नगर में 87.24 प्रतिशत आवेदनों का ही निस्तारण हो सका। कुल 14746 में 12103 का निस्तारण हुआ। 393 का निस्तारण नहीं हो सका। अन्य जनपदों में अमेठी (86.26), बदायूं 88.64 बुलंदशहर (88.30), चंदौली (88.91) आगरा (89.69), (89.06), प्रयागराज (88.68), हरदोई (88.44), कानपुर देहात (88.17) के अलावा मेरठ (86.94), पीलीभीत (88.30) आदि में अवकाश स्वीकृत होने की गति अपेक्षाकृत रही है।



