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कला और संगीत की शिक्षा से जुड़ेंगे सरकारी स्कूलों के बच्चे

यूपी में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ अब संगीत और कला की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की ओर से पहल की गई है।

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  • फतेहपुर से 4 अध्यापकों रामप्रसाद (हथगाम), जगदीश (खजुहा),सुधांशु श्रीवास्तव(ऐराया)व गीता यादव (देवमई) ने अपनी प्रतिभागिता की।

अमन यात्रा, फतेहपुर / लखनऊ । यूपी में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ अब संगीत और कला की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की ओर से पहल की गई है। इस खास पहल में परिषद की निदेशक डॉ अंजना गोयल के नेतृत्व में बनी टीम में शामिल संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ पवन सचान ,सहायक शिक्षा निदेशक दीपा तिवारी, सहायक उप शिक्षा निदेशक पुष्पा रंजन, सहायक उप शिक्षा निदेशक अजय कुमार, उप शिक्षा निदेशक आशुतोष दुबे, शोध प्राध्यापक वत्सला पवार की अहम भूमिका है। इसी क्रम में लखनऊ में स्थित उद्यमिता प्रशिक्षण संस्थान में चार दिनों का संदर्भदाताओं का प्रशिक्षण दिनांक 14 दिसंबर से17 दिसंबर तक संपादित किया गया जिसमें फतेहपुर से 4 अध्यापकों रामप्रसाद (हथगाम), जगदीश (खजुहा),सुधांशु श्रीवास्तव(ऐराया)व गीता यादव (देवमई) ने अपनी प्रतिभागिता की।

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इन अध्यापकों ने विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया जिसमें सभी राज्यों की कला और संस्कृति को अपनी कला के माध्यम से प्रस्तुत करना सिखाया गया। कुल 120 शिक्षकों को यह विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया जो विभिन्न जनपदों से आए थे।फतेहपुर व चंदौली की टीम ने मिलकर एक समूह गान प्रस्तुत किया। कला में फतेहपुर की टीम को ऐपलकला व पिथौरागढ़ की कला का प्रस्तुतीकरण देना था।तृतीय दिवस माननीय बेसिक शिक्षा मंत्री श्री संदीप सिंह का आगमन भी हुआ जिसमें उन्होंने सभी प्रतिभागियों द्वारा बनाई हुई कलाकृतियों का अवलोकन किया व भूरि भूरि प्रशंसा की।

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कार्यक्रम के दौरान एससीईआरटी की ओर से तैयार जीवन दर्पण मॉड्यूल को भी बेसिक शिक्षा मंत्री जी ने लांच किया।इस कार्यशाला में ठप्पा कला ,मधुबनी,वर्ली,मिट्टी से कलाकृतियां बनाना,पेपर क्राफ्ट,नृत्य ,संगीत,कठपुतली कला ,रंगमंच ,अभिनय आदि का प्रशिक्षण दिया गया जो सराहनीय रहा। अंतिम दिवस समस्त प्रतिभागियो को प्रमाण पत्र भी प्रदान किये गये। यह चारों संदर्भदाता अब जिले में आकर अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

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