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बिजाहरा का लाल अमर हुआ: सूबेदार गुरुशरण को नम आँखों से दी गई भावभीनी विदाई

कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र का बिजाहरा गांव आज अपने एक वीर सपूत को अंतिम विदाई देते हुए गम और गर्व से भर उठा। सीआरपीएफ के सूबेदार गुरुशरण को सैनिक सम्मान के साथ नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई.

Story Highlights
  • ड्यूटी पर शहीद हुए CRPF जवान का पैतृक गांव में सैनिक सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार, उमड़ा हुजूम
  • मणिपुर में ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से शहीद हुए

कानपुर देहात,: कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र का बिजाहरा गांव आज अपने एक वीर सपूत को अंतिम विदाई देते हुए गम और गर्व से भर उठा। सीआरपीएफ के सूबेदार गुरुशरण को सैनिक सम्मान के साथ नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई, जिनका दो दिन पहले मणिपुर के इंफाल में ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से दुखद निधन हो गया था। पूरा गांव ‘गुरुशरण फौजी अमर रहें’ के बुलंद नारों से गूंज रहा था, जो उनके बलिदान को सलाम कर रहे थे।

शुक्रवार की सुबह करीब 2 बजे, जब सूबेदार गुरुशरण का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बिजाहरा पहुंचा, तो चारों ओर शोक की लहर दौड़ गई। अपने लाडले को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए सैकड़ों ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से लोग उमड़ पड़े। माहौल बेहद गमगीन था, फिर भी शहीद के सम्मान में उठे नारे एक अलग ही ऊर्जा और गर्व का अहसास करा रहे थे।

वीर सपूत को अंतिम विदाई उनके छोटे भाई जयकरण ने मुखाग्नि देकर दी। इस दौरान पूरा परिवार, जिसमें उनके पिता रामसनेही, माता रामवती, और भाई अश्वनी कुमार शामिल हैं, गहरे सदमे में डूबा हुआ था। उनके आंसू रुक नहीं रहे थे, और गांव का हर कोना इस दुखद घड़ी का गवाह बन रहा था।

गुरुवार को ड्यूटी के दौरान अचानक सीने में दर्द की शिकायत के बाद उनकी हालत बिगड़ गई थी। उन्हें तत्काल मणिपुर स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया न जा सका और उन्होंने वहीं अंतिम सांस ली। शहीद के अंतिम संस्कार के समय, गांव के सभी प्रमुख लोग और डेरापुर थाना पुलिस भी मौजूद रही। उन्होंने इस दुखद पल में परिवार और ग्रामीणों के साथ मिलकर वीर सपूत को आखिरी सलाम दिया। बिजाहरा गांव के इस बहादुर लाल के असमय निधन से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक है, और हर कोई उनकी शहादत को नमन कर रहा है, जो देश सेवा में अपना जीवन कुर्बान कर गए।

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