घर के पास मिला इलाज: मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में उमड़ी भीड़, 39 लोगों के बने गोल्डन कार्ड
कानपुर देहात में 2000 से अधिक मरीजों को मिला मुफ्त इलाज और परामर्श
कानपुर देहात में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं आम जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आज मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का सफल आयोजन किया गया। जनपद के 1 शहरी और 29 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित इस मेले में बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय नागरिक उमड़े, जहाँ उन्हें निःशुल्क चिकित्सा परामर्श के साथ जरूरी दवाएं भी वितरित की गईं।
स्वास्थ्य केंद्रों पर उमड़ी भीड़, विशेषज्ञों ने जाँचा स्वास्थ्य
जिले के कुल 30 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित इस विशेष आरोग्य मेले में चिकित्सा विभाग की टीम पूरी तरह मुस्तैद रही। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मेले में कुल 68 चिकित्सक और 134 पैरामेडिकल स्टाफ ने अपनी सेवाएं दीं। दिन भर चले इस शिविर में कुल 2049 मरीजों का उपचार किया गया, जिनमें 1030 पुरुष, 782 महिलाएं और 237 बच्चे शामिल रहे। डॉक्टरों ने विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उचित खान-पान और दवाओं की सलाह दी।
जाँच सुविधाओं और आयुष्मान कार्ड पर रहा जोर
आरोग्य मेले के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर बीमारियों की पहचान के लिए कई तरह की जाँचें भी कीं। कुल 174 मरीज बुखार से ग्रसित मिले, जिनमें मलेरिया और डेंगू की जाँच की गई, हालांकि कोई भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई। इसके अलावा 810 मरीजों का कोविड हेल्प डेस्क पर परीक्षण किया गया और 39 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। आँखों की समस्या से जूझ रहे 36 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया और 235 लोगों को तंबाकू जैसे घातक व्यसनों को छोड़ने के लिए परामर्श दिया गया।
अधिकारियों ने किया विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ए.के. सिंह ने औनाह और शिवली केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। इसके साथ ही जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और चिकित्सा अधीक्षकों ने रनिया, कुर्रा-खुर्द, राजपुर, और पुखरायां जैसे विभिन्न केंद्रों पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
आधिकारिक बयान
“मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। आज जनपद के 30 केंद्रों पर मरीजों की जाँच कर उन्हें दवाएं दी गई हैं। हमारा प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके घर के पास ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिल सके।” – स्वास्थ्य विभाग, कानपुर देहात



