चमचमाते बाजार और चौराहों पर गूंजी सुरक्षा की आवाज, कानपुर देहात पुलिस ने सिखाया हक के लिए लड़ना
मिशन शक्ति 5.0 के दूसरे चरण में कानपुर देहात पुलिस ने महिलाओं और बेटियों को उनके कानूनी अधिकारों और हेल्पलाइन नंबरों की दी पूरी जानकारी।

कानपुर देहात। सूबे में महिलाओं और बेटियों को महफूज रखने, उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने और समाज में सिर उठाकर जीने का हौसला देने के लिए यूपी सरकार का खास अभियान मिशन शक्ति 5.0 पूरी ताकत से चल रहा है। इसी कड़ी में आज 28 जून 2026 को कानपुर देहात की कप्तान श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय के इशारे पर जिले की पुलिस टीम ने गांव-गिरांव से लेकर कस्बों और बाजारों तक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया।
पुलिस की टीमों ने भरे बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक जगहों पर जाकर सैकड़ों महिलाओं, बहनों और स्कूल-कॉलेज की बेटियों को इकट्ठा किया। उन्हें समझाया कि अगर कोई राह चलते परेशान करे, छेड़खानी करे या डराए-धमकाए, तो चुप रहने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। पुलिस ने उन्हें खुलकर अपनी बात रखने और कानून का सहारा लेने का तरीका सिखाया।
इस मौके पर पुलिस ने बेटियों को कुछ जरूरी फोन नंबर रटवाए, जो मुसीबत के समय तुरंत काम आते हैं। इसमें औरतों की मदद के लिए 181, मनचलों को सबक सिखाने वाली महिला शक्ति लाइन 1090, बच्चों की मदद के लिए 1098, किसी भी इमरजेंसी के लिए 112 और पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर 1076 शामिल है। पुलिस ने बताया कि इन नंबरों पर फोन करते ही मदद सीधे मौके पर पहुंचेगी।
आजकल के मोबाइल और इंटरनेट के दौर में होने वाली धोखाधड़ी से बचने के गुर भी पुलिस ने सिखाए। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर अंजान लोगों से दोस्ती न करें, लॉटरी या फर्जी कॉल के झांसे में न आएं और अगर कोई इंटरनेट पर परेशान करे तो तुरंत शिकायत करें। साथ ही घर बैठे पुलिस की मदद पाने के लिए यूपीकॉप (UPCOP) ऐप को मोबाइल में रखने की सलाह दी। महिलाओं को उनके हक की ताकत देने वाले कानूनों जैसे पॉक्सो (POCSO) एक्ट, घरेलू हिंसा और दहेज विरोधी कानून के बारे में भी आसान भाषा में समझाया गया।
कानपुर देहात पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले गुंडे-बदमाशों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने सभी महिलाओं से अपील की है कि वे खुद को अकेला न समझें, कोई भी दिक्कत होने पर तुरंत पास के थाने जाएं या हेल्पलाइन नंबरों पर बेझिझक फोन करें।



