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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, नीट पर घमासान

देश में हाल ही में हुए नीट पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली को लेकर देशभर के छात्रों और विपक्षी नेताओं में भारी आक्रोश है। इसी व्यापक आक्रोश के बीच प्रदर्शनकारी छात्र और विपक्षी दल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं

कानपुर देहात। देश में हाल ही में हुए नीट पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली को लेकर देशभर के छात्रों और विपक्षी नेताओं में भारी आक्रोश है। इसी व्यापक आक्रोश के बीच प्रदर्शनकारी छात्र और विपक्षी दल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पूरे देश के युवा लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। अगर लगातार विवाद, अव्यवस्था और अविश्वास ही शिक्षा मंत्रालय की पहचान बनते जाएँ तो लोकतंत्र में यह मांग उठना भी स्वाभाविक है कि देश की शिक्षा व्यवस्था को अब इस शैली की नेतृत्व व्यवस्था से मुक्त किया जाए। सीधा सीधा कहूँ तो अब देश शिक्षा मंत्री से एक ही बात कहना चाहता है कि कृपया शिक्षा मंत्रालय छोड़ दीजिए आपके बस का कुछ नहीं है। देश के बच्चों का भरोसा टूट रहा है, अभिभावकों का धैर्य टूट रहा है और शिक्षकों का सम्मान लगातार चोट खा रहा है। हर नई परीक्षा, हर नया निर्णय और हर नई व्यवस्था अब विश्वास से ज्यादा आशंका पैदा करने लगी है। जरूरत सफाई देने की नहीं, संदेश की है और देश को यह संदेश चाहिए कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही अब भी जिंदा है। कभी-कभी कुर्सी पर बने रहना मजबूती नहीं होता बल्कि समय की आवाज न सुन पाना होता है। परधान जी! जब करोड़ों छात्र एक परीक्षा से पहले डरने लगें जब शिक्षक अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस करें, जब हर नई व्यवस्था विवाद में बदल जाए तब केवल बयान काफी नहीं होते। तब एक नैतिक निर्णय की आवश्यकता होती है। आपसे परीक्षार्थियों की कोई व्यक्तिगत शत्रुता नहीं है। यह मांग गुस्से से ज्यादा पीड़ा से निकली है। देश चाहता है कि शिक्षा मंत्रालय अब विवादों से नहीं, विश्वास से पहचाना जाए और शायद अब यह तभी संभव है जब इस मंत्रालय को नया नेतृत्व मिले। इतिहास में कई बार पद छोड़ना हार नहीं जिम्मेदारी का सबसे ऊँचा रूप माना गया है इसलिए देश के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की तरफ से फोल्डेड हैंड्स के साथ यही निवेदन है कृपया इस्तीफा दीजिए ताकि शिक्षा व्यवस्था में बचा हुआ भरोसा फिर से खड़ा हो सके। हालिया नीट यूजी विवाद और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में आई तकनीकी गड़बड़ियों के कारण पूरे देश में आपके खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है इसलिए समय रहते शिक्षा मंत्रालय से इस्तीफा देना आपके लिए हितकर होगा।

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