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निलंबन के बाद बहाल शिक्षकों के स्कूल आवंटन में नहीं होगा खेल

परिषदीय विद्यालयों के निलंबित शिक्षक यदि जांच में दोषमुक्त ठहराये जाते हैं तो उन्हें उसी स्कूल में तैनाती दी जाएगी जिसमें वह निलंबन के समय तैनात थे। यदि शिक्षक जांच के बाद दंड के साथ बहाल किये जाएंगे तो उनकी तैनाती एनआइसी द्वारा विकसित साफ्टवेयर के माध्यम से आवंटित विद्यालय में की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है।

Story Highlights
  • बहाली के बाद दंड के आधार पर ऑनलाइन साफ्टवेयर से विद्यालय का होगा आवंटन

लखनऊ/कानपुर देहात। परिषदीय विद्यालयों के निलंबित शिक्षक यदि जांच में दोषमुक्त ठहराये जाते हैं तो उन्हें उसी स्कूल में तैनाती दी जाएगी जिसमें वह निलंबन के समय तैनात थे। यदि शिक्षक जांच के बाद दंड के साथ बहाल किये जाएंगे तो उनकी तैनाती एनआइसी द्वारा विकसित साफ्टवेयर के माध्यम से आवंटित विद्यालय में की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है।शासनादेश के अनुसार यदि शिक्षक उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी वर्ग नियमावली 1973 के अनुसार दंड संख्या -1 के साथ बहाल किया जाएगा तो उसे उसी ब्लॉक के ऐसे विद्यालय में तैनाती दी जाएगी जहां शिक्षा का अधिकार मानकों के अनुसार कम शिक्षक हों।

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ऐसे अध्यापकों को ऑनलाइन साफ्टवेयर के माध्यम से रैंडम आधार पर विद्यालय आवंटित किया जाएगा।दंड संख्या-1 के तहत आरोपित अध्यापक की निंदा की जाती है। यदि शिक्षक की उम्र बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी वर्ग नियमावली के अनुसार दंड संख्या-2 से 6 तक के साथ बहाल किया जाता है तो उसे जिले के शून्य अध्यापक वाले स्कूल में तैनाती दी जाएगी। दंड संख्या 2 से 6 के अंतर्गत वेतन वृद्धि रोकने, निचले वेतनमान पर अवनत करने, वेतन से वसूली आदि शामिल हैं।

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शून्य अध्यापक वाले विद्यालय न होने की दशा में उन्हें एकल अध्यापक वाले तैनात किया जाएगा। एकल अध्यापक वाले विद्यालय उपलब्ध न होने पर आरटीई मानकों के अनुसार पदस्थापना की सबसे अधिक आवश्यकता वाले स्कूल में भेजा जाएगा। ऐसे मामलों में शिक्षक को साफ्टवेयर के जरिये रैंडम आधार पर विद्यालय आवंटित किया जाएगा। शासन ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को शिक्षकों के निलंबन की अवधि खत्म होने के बाद उन्हें एनआइसी द्वारा विकसित साफ्टवेयर के माध्यम से स्कूल आवंटित करने के लिए कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। इससे पहले निलंबित शिक्षकों के बहाल होने पर स्कूलों में उनकी तैनाती को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी खेल करते थे। इस दुर्व्यवस्था को समाप्त करने के लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने बहाल किये जाने वाले शिक्षकों की तैनाती में पारदर्शिता लाने के लिए उन्हें विद्यालय का आवंटन साफ्टवेयर से कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा था जिसे मंजूरी दे दी गई है।

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