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नेकद्वार की मुहिम बनी मिसाल: नन्हें हाथों ने थामा जरूरतमंदों का हाथ

सर्दी में राहत की उम्मीद: एक बच्चा-एक कपड़ा अभियान में बच्चों ने दान किए 200 कपड़े

कानपुर देहात: नेकद्वार सेवा समिति द्वारा संचालित एक बच्चा, एक कपड़ा अभियान ने मानवता और समाज सेवा का एक नया अध्याय लिखा है। केंद्रीय विद्यालय माती में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया। समिति द्वारा बच्चों से आह्वान किया गया था कि प्रत्येक छात्र अपना एक कपड़ा दान करे। इस अपील का बच्चों पर गहरा प्रभाव पड़ा और उन्होंने पूरे उत्साह के साथ लगभग 200 कपड़े एकत्र किए। यह संग्रह अब उन जरूरतमंद और वंचित परिवारों तक पहुँचाया जाएगा जिन्हें सर्दी के मौसम में इनकी सबसे अधिक आवश्यकता है।

छात्रों में दिखा सेवा और समर्पण का उत्साह

अभियान के दौरान विद्यालय का माहौल देखते ही बनता था। छोटी कक्षाओं के नन्हे बच्चों से लेकर वरिष्ठ छात्रों तक, सभी ने अपनी क्षमता के अनुसार वस्त्र दान किए। कई छात्रों के लिए यह पहला अवसर था जब वे किसी सामाजिक अभियान से सीधे तौर पर जुड़े। उन्होंने साझा किया कि इस अनुभव ने उन्हें समाज के वंचित वर्ग की परिस्थितियों को समझने और मदद करने की प्रेरणा दी है। यह केवल कपड़ों का दान नहीं था, बल्कि बच्चों के भीतर करुणा और सहयोग के संस्कारों का भी विकास था।

विद्यालय प्रशासन और समिति का साझा प्रयास

इस मौके पर समिति के अध्यक्ष संदीप बंसल ने विद्यालय परिवार का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों में बचपन से ही समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाना समय की मांग है। उनका कहना था कि नेकद्वार सेवा समिति का मुख्य उद्देश्य लोगों को सहयोग और साझा जिम्मेदारी से जोड़ना है। केंद्रीय विद्यालय माती के प्राचार्य असरार हुसैन अंसारी और शिक्षक अनिल कुशवाहा ने भी छात्रों की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय हमेशा बच्चों में नैतिक मूल्यों और सेवा भाव को बढ़ावा देने का प्रयास करता है। शिक्षकों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को किताबी ज्ञान से बाहर निकालकर वास्तविक जीवन की चुनौतियों और संवेदनाओं से रूबरू कराते हैं।

नेकद्वार सेवा समिति का सेवा सफर

ज्ञात हो कि नेकद्वार सेवा समिति पुखराया 2017 से समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है। यह संस्था लगातार जरूरतमंदों को कपड़े और अन्य सामग्री उपलब्ध कराती रही है। समिति ने कोरोना काल और बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान भोजन वितरण, टीबी मरीजों को गोद लेकर पौष्टिक आहार देने, वृक्षारोपण और वैक्सीनेशन जागरूकता जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। समिति के सदस्यों के अनुसार, एकत्र किए गए इन 200 कपड़ों को व्यवस्थित तरीके से छांटकर अगले सप्ताह विभिन्न स्थानों पर जरूरतमंद परिवारों को वितरित किया जाएगा। समिति ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में अन्य शिक्षण संस्थान भी ऐसे मानवीय अभियानों में आगे आएंगे।

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