‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ का असर: केंद्र व्यवस्थापक को 1 साल का कठोर कारावास
2017 में नकल विहीन परीक्षा कराने में लापरवाही पर भोगनीपुर कोर्ट का फैसला, ₹5,000 का जुर्माना भी लगा
कानपुर देहात: कानपुर देहात में शिक्षा की शुचिता को भंग करने और सरकारी दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के एक पुराने मामले में आज बड़ा फैसला आया है। जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत, भोगनीपुर कोर्ट ने नकल विहीन परीक्षा आयोजित न करा पाने के मामले में तत्कालीन केंद्र व्यवस्थापक को सज़ा सुनाई है।
यह मामला 30 मार्च 2017 का है। पटेल इंटर कॉलेज, ग्राम शेखपुर में परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक डॉ. सर्वेश सिंह अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर पाए थे। इस संबंध में थाना सट्टी में उनके खिलाफ परीक्षा अधिनियम की धारा 7/10 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
प्रभावी पैरवी से मिली सज़ा
थाना सट्टी पुलिस ने मामले की गुणवत्तापूर्ण विवेचना की और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोप पत्र 05 मई 2017 को ही न्यायालय भेज दिया था। अपराधी को समय पर सज़ा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत पुलिस, कोर्ट पैरोकार और अभियोजन पक्ष ने लगातार और प्रभावी पैरवी की।
माननीय न्यायालय जेएम भोगनीपुर ने आज 9 दिसंबर 2025 को अभियुक्त डॉ. सर्वेश सिंह को दोषी ठहराया। न्यायालय ने डॉ. सर्वेश सिंह को 1 वर्ष के कठोर कारावास की सज़ा और ₹5,000 के अर्थदंड से दण्डित किया। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड न भरने पर अभियुक्त को 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि यह सज़ा समाज में कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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