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पत्रकारों,अधिवक्ताओं की समस्याओं को लेकर  अपर जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन

मीडिया अधिकार मंच भारत के द्वारा पत्रकारों/अधिवक्ताओं की समस्याओं को लेकर अपर जिलाधिकारी को पांच सूत्रीय समस्याओं के निस्तारण के लिये ज्ञापन दिया है.

औरैया,अमन यात्रा। मीडिया अधिकार मंच भारत के द्वारा पत्रकारों/अधिवक्ताओं की समस्याओं को लेकर अपर जिलाधिकारी को पांच सूत्रीय समस्याओं के निस्तारण के लिये ज्ञापन दिया है.ज्ञापन में सतेन्द्र सेंगर ने कहा हैं कि लोक तंत्र का चौथा स्तम्भ पत्रकार/मीडियाकर्मी जोकि अपनी जान को जोखिम में डालकर समाचार कवरेज करने जाते हैं किन्तु पत्रकारों/मीडिया कर्मियों सहित अधिवक्ता साथियों पर प्रशासनिक अधिकारियों व गैर सरकारी संस्थाओं के संचालक व अपराधियों द्वारा निरंतर प्रताड़ित किये जाने की सूचनायें आती रहती हैं। लोकतंत्र में ऐसी घटनाओ से प्रदेश/केन्द्र सरकार सहित प्रशासनिक उच्चधिकारियों की छवि धूमिल हो रही है तथा  प्रदेश/केन्द्र सरकार सहित प्रशासनिक उच्चधिकारियों पर लोकतंत्र की सरेआम हत्या करने/कराने जैसे कृत्यों के आरोप लगते आ रहे हैं।

सतेन्द्र सेंगर ने कहा है कि पत्रकारों/मीडियाकर्मियों सहित अधिवक्ता साथियों की सुरक्षा के लिए मात्र पाँच सूत्रीय मांगो को संविधानिक प्रक्रिया/कार्यवाही करते हुए तत्काल प्रभाव से लागू करवाने की कृपा करें।जिससे पत्रकार/मीडियाकर्मी सहित अधिवक्ता साथी निर्भीक एवं निष्पक्षता पूर्ण ढंग से कार्य कर सके, जिससे लोक तंत्र को मजबूत बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाने का कार्य कर सकें।

ज्ञापन में कहा गया है कि पत्रकार मीडियाकर्मियों को जनप्रतिनिधियों जैसी सभी सुविधायें दी जायें, (यदि ऐसा हो पाना सम्भव नहीं है) अन्यथा जनप्रतिनिधि भी कोई श्रमिक नहीं है। इनको मिलने वाली पेंशन आदि सुविधायें बन्द कर दी जायें,

पत्रकार/मीडियाकर्मी एवं अधिवक्ता साथियों को एक ही श्रेणी की मान्यता दी जाये तथा पत्रकार/मीडियाकर्मियों को खबर कवरेज करने से रोकने या अधिवक्ता साथी के कार्यों में दखल देने पर सरकारी कार्यों में बाधा डालने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाये।पत्रकार , मीडियाकर्मी/परिजनों अथवा अधिवक्ता/परिजनों की हत्या को वरीयता के आधार पर और रेयरेस्ट अपराध  की श्रेणी के अंतर्गत रखा जाए एवं पत्रकार – मीडियाकर्मी या अधिवक्ता अथवा उनके परिजनों पर झूठा अपराधिक मामला दर्ज किया जाता है और लिखे गये अपराधिक मुकदमे की झूंठा होनें या लिखाने की पुष्टि होती है तो झूठा मुकदमा लिखाने वाले व्यक्ति के खिलाफ गैरजमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए सश्रम कारावास तथा न्यूनतम 10 लाख रूपये की जुर्माने का भी प्रावधान लागू हो।पत्रकार , मीडियाकर्मी/ अधिवक्ता एवं उनके परिजन की दुर्घटना या मृत्यू होने पर निःशुल्क बीमा/आर्थिक अनुदान प्रदान किया जाए, तथा दुर्घटना में घायल हुए पत्रकार – मीडियाकर्मी/ अधिवक्ता या उनके परिजन का इलाज सरकारी अथवा निजी अस्पतालों में निशुल्क किया जाए पत्रकार, मीडियाकर्मी व अधिवक्ताओं को आत्म सुरक्षा हेतु आग्नेयास्त्र के लाइसेंस जारी किए जाऐं तथा परिवहन निगम बसों, रेलवे, अथवा विमान में आवागमन के लिये निःशुल्क यातायात का प्रावधान हो, एवं सभी चार पहिया वाहनों के टोल टेक्स मुक्त किये जाऐं। इस अवसर पर सतेंद्र सेंगर , विवेक मिश्रा, प्रांशु कुमार, सतेंद्र सिंह यादव, डा. ज्ञानेद्र व एक दर्जन से अधिक पत्रकार साथी मौजूद रहे।

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