कानपुर देहात: अस्पताल में गंदगी और रजिस्टर में खेल देख भड़के मुख्य विकास अधिकारी, अधीक्षक की क्लास लगा थमाया नोटिस
एक महीने से खराब पड़ी बायोकेमेस्ट्री मशीन को तुरंत ठीक कराने का अल्टीमेटम दिया।

कानपुर देहात के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवीपुर में उस समय हड़कंप मच गया जब मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल औचक निरीक्षण के लिए जा पहुंचे। अस्पताल की बदहाली और भारी अव्यवस्थाएं देखकर मुख्य विकास अधिकारी का पारा चढ़ गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर और दवाओं के स्टॉक में हेरफेर की आशंका देख उन्होंने अधीक्षक को जमकर फटकार लगाई। मुख्य विकास अधिकारी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
दवाओं का रजिस्टर अधूरा और मशीन खराब, मरीजों की जान से खिलवाड़ पर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही दवाओं के स्टॉक रजिस्टर में देखने को मिली, जो पिछले एक सप्ताह से अधूरा पड़ा था। मुख्य विकास अधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधीक्षक से तुरंत स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, पिछले एक महीने से बायोकेमेस्ट्री मशीन खराब होने की बात सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और इसे तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि अस्पताल में जीवनरक्षक दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए और मशीनों के खराब होने से मरीजों को निजी सेंटरों पर न भटकना पड़े।
अस्पताल की कैंटीन में अवैध वसूली की आशंका, रेट लिस्ट न होने पर एक्शन
अस्पताल की कैंटीन में रेट लिस्ट गायब मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी ने तत्काल इसे चस्पा करने का आदेश दिया ताकि मरीजों और तीमारदारों से निर्धारित दरों से अधिक वसूली न की जा सके। उन्होंने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रेट सूची को प्रमुख स्थानों पर लगाने के निर्देश दिए। उपस्थिति रजिस्टर चेक करते समय उन्होंने साफ कर दिया कि जो भी चिकित्सक या कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिलेगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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