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शहाबगंज: गजब का भ्रष्टाचार, अमाव‌ गांव में मजदूरों के स्थान पर मोबाइल कर रही काम

शहाबगंज विकास खंड अंतर्गत अमाव गांव में मनरेगा का कार्य ग्राम प्रधान द्वारा कराया जा रहा है। इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का भी खेल खेलने का कार्य किया जा रहा है। ग्राम प्रधान व मनरेगा मेठ मिलकर मजदूरों के बजाय फोटो के रूप में मोबाइल का फोटो फर्जी तरीके से मनरेगा साइड पर देकर सरकार के खजाने में विधिवत सेंध लगाने का कार्य कर रहे हैं।

Story Highlights
  • एक मोबाइल में पुरानी फोटो ओपन कर दूसरे मोबाइल से दी जा रही हाजिरी
  • ग्राम प्रधान व मनरेगा मेठ की मनमानी.... पत्रकार के सवाल पूछने पर ग्राम प्रधान ने कहा हां मजदूरों के जगह मोबाइल कर रही काम, एक बार 15, दूसरी बार 3 लाख का काम हो चुका है जीरो..
  • BDO ने कहा नोटिस जारी कर होगी कार्रवाई.

चंदौली। शहाबगंज विकास खंड अंतर्गत अमाव गांव में मनरेगा का कार्य ग्राम प्रधान द्वारा कराया जा रहा है। इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का भी खेल खेलने का कार्य किया जा रहा है। ग्राम प्रधान व मनरेगा मेठ मिलकर मजदूरों के बजाय फोटो के रूप में मोबाइल का फोटो फर्जी तरीके से मनरेगा साइड पर देकर सरकार के खजाने में विधिवत सेंध लगाने का कार्य कर रहे हैं। 10 जुलाई 2024 को जो फोटो हाजिरी के तौर पर मनरेगा साइड पर टैग किया गया है वह फोटो मजदूरों की बल्कि मोबाइल की फोटो फर्जी तरीके से टैग कर दिया गया है। जिससे यह साबित हो रहा है कि भ्रष्टाचार की गाथा ग्राम प्रधान व मनरेगा मेठ मिलकर रच रहे हैं। यहीं नहीं मनरेगा साइड पर टैग की गई फोटो में नाम मात्र के मनरेगा मज़दूरों की संख्या दिख रही है, लेकिन फर्जी तरीके से हाजिरी दर्जन भर के पार मजदूरों की दी जा रही है।

केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की योगी सरकार जहां भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाते हुए दिन-रात मेहनत कर रही है तो वही कुछ भ्रष्टाचारी लोग शासन के मंसूबों पर पानी फेरते हुए अपना षड्यंत्र रच शासन के खजाने में सेंध लगाने पर उतारू हो गए हैं। हम बात कर रहे हैं शहाबगंज विकास खंड अंतर्गत अमाव गांव की। अमाव गांव में बड़े पैमाने पर ग्राम प्रधान व मनरेगा मेठ मिलकर भ्रष्टाचार को अंजाम देने में लगे हुए हैं। मनरेगा मजदूरों की फोटो न देकर मोबाइल की फोटो मनरेगा साइड पर टैग किया गया है। 10 जुलाई 2024 को जो फोटो मनरेगा साइड पर टैग किया गया है वहीं फोटो फर्जी तरीके से एक मोबाइल में पुरानी फोटो ओपन कर दूसरी मोबाइल से हाजिरी के रूप में टैग की गई है। जिससे यह खुलेआम साबित हो रहा है कि ग्राम प्रधान व मनरेगा मेठ मिलकर भ्रष्टाचार का हथकंडा अपनाते हुए शासन के खजाने में सेंध लगा रहे हैं। वहीं पत्रकार ने जब मोबाइल पर ग्राम प्रधान से संपर्क किया तो ग्राम प्रधान ने कहा हां मजदूरों के स्थान पर मोबाइल काम रही है। फिर कहा कि पूर्व में 15 व 3 लाख का जीरों हो चुका है।

अमाव गांव में 1 कार्य पर 3 मस्टररोल निकाला गया है। जिसमें कुल 28 मजदूर प्रतिदिन कार्य कर रहे हैं। हाजिरी के दौरान टैग की गई तस्वीर को देखी जाए तो एक-दो‌ दर्जन से अधिक मजदूर दिखाई नहीं दे रहे हैं। एक ही फोटो को मोबाइल में ओपन कर कई दिन हाजिरी दी जा रही है।

वर्जन-

खंड विकास अधिकारी ने कहा कि मामला अभी संज्ञान में आया है। दोनों को नोटिस जारी कर जबाब मांगा जाएगा। और जांच कराकर ग्राम प्रधान व मनरेगा मेठ के ऊपर कारवाई की जाएगी।

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