शादी की खुशियों के बीच दो युवकों की डूबने से मौत, अवैध खनन बना काल
डकोर थाना क्षेत्र के कहटा गांव में शनिवार, 7 जून, 2025 की देर शाम एक हृदयविदारक हादसे में विवाह समारोह में शामिल होने आए दो युवकों की बेतवा नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।
उरई, जालौन: डकोर थाना क्षेत्र के कहटा गांव में शनिवार, 7 जून, 2025 की देर शाम एक हृदयविदारक हादसे में विवाह समारोह में शामिल होने आए दो युवकों की बेतवा नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। हादसा उस वक्त हुआ जब चार युवक नदी में नहाने गए थे और उनमें से दो गहरे पानी में समा गए।
जानकारी के अनुसार, डकोर कोतवाली के कहटा गांव निवासी खुशाली के नाती आशीष की बारात शनिवार, 7 जून को हमीरपुर के टोला गांव जानी थी। इस शादी समारोह में शामिल होने के लिए अभिषेक (14) पुत्र रामगोपाल और अंकित (21) पुत्र संतोष आए हुए थे। शनिवार दोपहर, शादी की तैयारियों से पहले ये चारों युवक गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर बेतवा नदी पहुंचे। नहाने के दौरान अभिषेक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के प्रयास में अंकित भी तेज नदी की जलधारा में फंस गया। बताया गया कि दोनों को तैरना नहीं आता था और वे नदी की गहराई का बिल्कुल अंदाजा नहीं लगा पाए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस स्थान पर यह दुखद हादसा हुआ, वहां हाल ही में मौरम (बालू) का अवैध खनन हुआ था। इस अवैध खनन के कारण नदी की गहराई अप्रत्याशित रूप से बहुत बढ़ गई थी। खनन से बनी यही अत्यधिक गहराई और नदी का तेज बहाव इन दो मासूम जिंदगियों के लिए काल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों और मल्लाहों की अथक मदद से रात करीब 9 बजे दोनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस वीभत्स घटना के बाद दोनों परिवारों में गहरा मातम पसरा हुआ है। यह घटना अवैध खनन के खतरों और उसके जानलेवा परिणामों को एक बार फिर रेखांकित करती है, जिससे नदियों के प्राकृतिक स्वरूप और सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।



