सफलता की अंधी चाहत में पार कर दी सारी हदें! फेल होने के बाद भी इंटरव्यू देने आयोग पहुंची महिला, ऐसे खुला राज और पहुंच गई जेल
साक्षात्कार पत्र डाउनलोड नहीं होने का रोना रोकर चली थी बड़ी चाल, आयोग के कड़े रुख के बाद सीधे पुलिस के शिकंजे में आई धोखेबाज अभ्यर्थी

- यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग में फर्जी दस्तावेजों के सहारे इंटरव्यू देने पहुंची महिला अभ्यर्थी गिरफ्तार।
- लिखित परीक्षा में फेल होने के बावजूद प्रवेश पत्र में हेराफेरी कर साक्षात्कार का किया था दावा।
- आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के निर्देश पर दर्ज हुई एफआईआर, पुलिस के हवाले की गई अभ्यर्थी।
लखनऊ में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की गरिमा को तार-तार करने और फर्जीवाड़ा कर नौकरी हथियाने की कोशिश का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रवक्ता संवर्ग (विज्ञापन संख्या 02/2022) के लिए चल रहे साक्षात्कार के दौरान रसायन विज्ञान विषय की एक महिला अभ्यर्थी कूट रचित (फर्जी) दस्तावेजों के सहारे इंटरव्यू देने आयोग के दफ्तर पहुंच गई। खुद को लिखित परीक्षा में पास बताकर साक्षात्कार में शामिल होने की जिद कर रही इस महिला की चालाकी तब धरी की धरी रह गई, जब अधिकारियों ने रिकॉर्ड खंगाल डाले। आयोग की शुचिता को भंग करने के इस दुस्साहस पर तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपी महिला को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
यह पूरा हाई-प्रोफाइल ड्रामा तब शुरू हुआ जब महिला अभ्यर्थी ने आयोग के कार्यालय में एक प्रार्थना पत्र सौंपते हुए दावा किया कि वह लिखित परीक्षा में पास है, लेकिन उसका इंटरव्यू लेटर डाउनलोड नहीं हो रहा है। इस शिकायत पर जब कार्यालय के मूल अभिलेखों और महिला के दावों का मिलान किया गया, तो अधिकारी सन्न रह गए। जांच में साफ हो गया कि महिला लिखित परीक्षा में पास ही नहीं हुई थी। उसने बेहद शातिराना अंदाज में आयोग द्वारा जारी मूल प्रवेश पत्र में हेराफेरी की थी और रसायन विज्ञान की परीक्षा में पास हुए किसी दूसरे अभ्यर्थी का रोल नंबर अपने नाम के आगे दर्ज कर इंटरव्यू के लिए फर्जी दावा ठोक दिया था।
इस बड़े फर्जीवाड़े पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि महिला अभ्यर्थी द्वारा फर्जी दस्तावेज पेश कर आयोग की गोपनीयता, पारदर्शिता और शुचिता को ठेस पहुंचाने की बेहद घटिया कोशिश की गई है। इस अवैध और गैर-कानूनी हरकत को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अध्यक्ष के निर्देश पर आयोग ने तुरंत सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई और महिला को मौके से ही स्थानीय पुलिस को सौंप दिया। अध्यक्ष ने सभी अभ्यर्थियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि वे ऐसे किसी भी शॉर्टकट या जालसाजी से दूर रहें, क्योंकि आयोग परीक्षाओं और इंटरव्यू को पूरी तरह निष्पक्ष कराने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ उ.प्र. सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत जेल भेजने की कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।



