सावधान! कानपुर देहात में शीतलहरी का अलर्ट: प्रशासन ने जारी की “क्या करें और क्या न करें” की गाइडलाइन
अपर जिलाधिकारी द्वारा शीतलहरी से सुरक्षा हेतु विभागवार एडवाइजरी जारी।

- बंद कमरों में अंगीठी जलाने से बचने की सख्त चेतावनी।
- बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर विशेष ध्यान देने की अपील।
- हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट के लक्षणों के प्रति सजग रहने के निर्देश।
- कपड़ों की कई परतें पहनने और गर्म तरल पदार्थों के सेवन की सलाह।
कानपुर देहात में कड़ाके की ठंड और शीतलहरी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनमानस के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों पर अपर जिलाधिकारी दुष्यंत कुमार मौर्या ने नागरिकों को ठंड से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। इस गाइडलाइन का मुख्य उद्देश्य भीषण ठंड के दौरान होने वाली बीमारियों और दुर्घटनाओं से लोगों को सुरक्षित रखना है।
शीतलहरी से बचाव के लिए क्या करें
प्रशासन ने सुझाव दिया है कि मौसम की सटीक जानकारी के लिए रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखें। शरीर को गर्म रखने के लिए भारी कपड़ों की एक परत के बजाय हल्के और ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनें, क्योंकि यह शरीर की गर्मी को रोक कर रखने में अधिक सहायक होती हैं। विशेष रूप से सिर, गर्दन, हाथ और पैरों को पूरी तरह कवर करके रखें।
खान-पान के मामले में विटामिन-सी से भरपूर फल-सब्जियों का सेवन करें और शरीर में गर्मी बनाए रखने के लिए नियमित रूप से गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें। त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए तेल या पेट्रोलियम जेली से मालिश करने की सलाह भी दी गई है। इसके अलावा, बच्चों, बुजुर्गों और अकेले रहने वाले पड़ोसियों की विशेष देखभाल करने को कहा गया है।
भूलकर भी न करें ये गलतियां
एडवाइजरी में विशेष चेतावनी दी गई है कि बंद कमरे के अंदर कोयला या अंगीठी न जलाएं, क्योंकि इससे निकलने वाली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जानलेवा साबित हो सकती है। ठंड के कारण होने वाली कंपकपी को नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह हाइपोथर्मिया का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षणों या शरीर के किसी अंग में सुन्नता दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
साथ ही, टाइट कपड़े पहनने से बचें क्योंकि ये रक्त संचार को बाधित करते हैं। पालतू जानवरों को भी खुले में न छोड़ें और उन्हें सुरक्षित बाड़े के अंदर रखें। आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद के लिए एनडीएमए द्वारा जारी ‘सचेत’ (SACHET) ऐप और ‘फास्ट’ (FAST) ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
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