सावधान! यूपी के इन जिलों में आसमान से बरसेगी आग, मौसम विभाग ने जारी किया भीषण लू का खौफनाक रेड अलर्ट
कानपुर और आगरा समेत कई जिलों में भीषण लू और उष्ण रात्रि का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में झुलसाने वाली गर्मी और भीषण लू का प्रकोप शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के लखनऊ केंद्र ने प्रभाव आधारित मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी बुलेटिन जारी करते हुए आगामी 24 मई तक पूरे प्रदेश में भीषण लू और रात के समय अत्यधिक गर्मी की चेतावनी दी है । मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और दिन के समय 20 से 30 किमी/घंटा की गति से तेज सतही हवाएं चलेंगी, जिनके झोंकों की रफ्तार 40 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है ।

इन जिलों में रहेगा भीषण लू का सबसे ज्यादा असर
मौसम केंद्र लखनऊ द्वारा जारी मानचित्र और रेड अलर्ट चेतावनी के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में कार्यवाही करें यानी रेड अलर्ट की स्थिति बनी हुई है । भीषण लू वाले प्रमुख क्षेत्रों में बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, कानपुर देहात, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर, मिर्जापुर, संत रवि दास नगर, कानपुर नगर, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, मैनपुरी और इसके आस-पास के क्षेत्रों में तीव्र उष्ण लहर चलने की प्रबल संभावना है । इसके साथ ही कानपुर देहात, कानपुर नगर, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया और जालौन सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में रातें भी बेहद गर्म रहने वाली हैं, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी से राहत नहीं मिलेगी ।

आम जनजीवन पर पड़ेगा प्रभाव, विभाग ने जारी की गाइडलाइन
मौसम विभाग ने सचेत किया है कि इस तरह की भीषण गर्मी में सभी उम्र के लोगों को लू जनित समस्याएं, हीट रैश और हीट स्ट्रोक होने का खतरा रहता है । विशेष रूप से खुले में काम करने वाले मजदूरों, किसानों और औद्योगिक श्रमिकों में निर्जलीकरण की संभावना सबसे अधिक है ।
बचाव के लिए मुख्य सलाह के तहत विशेष रूप से दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में रहने से बचना चाहिए । हल्के रंग के हल्के, ढीले एवं पूरे सूती कपड़े पहनें और धूप में जाते समय सिर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढंककर रखें । निर्जलीकरण से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करें और खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए ओआरएस, घर में बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी, चावल का पानी, नींबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें । इसके अलावा दोपहर के समय जानवरों को चराने से बचें और उन्हें पर्याप्त तरल पदार्थ के सेवन के साथ छाया में रखें ।

किसानों के लिए फसलों को बचाने की विशेष एडवाइजरी
तीव्र गर्मी को देखते हुए कृषि मौसम वैज्ञानिकों ने खड़ी फसलों और बागवानी को नुकसान से बचाने के लिए किसानों को विशेष प्रबंध करने की सलाह दी है । गन्ने की तीव्र वृद्धि अवस्था में अधिक नमी की कमी और पत्तियाँ सूखने से बचाने के लिए बार-बार हल्की सिंचाई करें, कचरे की मल्चिंग करें, पोटाश डालें और नमी की कमी से बचें । मक्के की पत्तियों का मुड़ना, खराब परागण और सिल्क का सूखना जैसी समस्याओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण अवस्थाओं पर सिंचाई करें, मल्चिंग करें और तनाव से बचें ।

उर्द व मूंग की पुष्पन-फली अवस्था में फूल झड़ने और फल सिकुड़ने से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करें, मिट्टी में नमी बनाए रखें और पोटाश या सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव करें । भिण्डी, तरोई, खीरा, तरबूज, खरबूजा, लौकी, टमाटर और प्याज जैसी सब्जियों को मुरझाने, सनबर्न और फूलों को झड़ने से बचाने के लिए बार-बार सिंचाई करें, मल्चिंग करें, छाया या नेट का उपयोग करें और ध्यान रहे कि दोपहर में सिंचाई न करें । आम, केला और पपीते की बागवानी में फल गिरने, सनभर्न और नमी की कमी से बचाव के लिए हल्की और बार-बार सिंचाई करें, मल्चिंग करें, फलों की बैगिंग करें और आम में तनों पर सफेदी करें ।

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