सुरों की मल्लिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन, संगीत जगत का एक स्वर्णिम युग समाप्त
92 वर्ष की आयु में मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण तोड़ा दम।

- 8 दशकों के करियर में 20 से अधिक भाषाओं में 12,500 से ज्यादा गाने गाए।
- कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में होगा अंतिम संस्कार, सुबह 11 बजे से प्रशंसक दे सकेंगे श्रद्धांजलि।
- दादा साहब फाल्के और पद्म विभूषण से सम्मानित थीं 'आशा ताई'।
मुंबई: भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपनी जादुई और खनकती आवाज से सात दशकों से अधिक समय तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले का निधन हो गया है। रविवार, 12 अप्रैल 2026 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 92 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके बेटे आनंद भोसले ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है।
आशा भोसले को आज शनिवार शाम अत्यधिक थकावट और सीने में संक्रमण (चेस्ट इन्फेक्शन) की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के अनुसार, इलाज के दौरान उनकी स्थिति बिगड़ती गई और मल्टी-ऑर्गन फेलियर (कई अंगों के काम बंद करने) के कारण उनका निधन हो गया। उनके निधन से बॉलीवुड और संगीत की दुनिया में कभी न भरने वाला शून्य पैदा हो गया है।
कल होगा राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
आशा भोसले का पार्थिव शरीर कल, 13 अप्रैल को सुबह 11 बजे उनके लोअर परेल स्थित आवास ‘कासा ग्रांडे’ में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दक्षिण भारतीय सुपरस्टार जूनियर एनटीआर समेत देश की तमाम बड़ी हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
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