स्काउट गाइड संभालेंगे कमान, सड़क हादसों पर लगेगी लगाम
कानपुर देहात से शशिप्रभा सचान, शर्मिष्ठा मलिक तथा शशि कुमार शर्मा, सन्तोष द्विवेदी को चुना गया था।

राजेश कटियार,लखनऊ/कानपुर देहात। विभिन्न जिलों के एनसीसी, स्काउट गाइड और एनएसएस छात्रों को दी जा रही सड़क सुरक्षा की दो दिवसीय ट्रेनिंग बुधवार को पूरी हो गई। इस दौरान हादसों की वजह, उन्हें रोकने के उपायों के साथ लोगों को जागरूक करने की जानकारी दी गई। करीब 700 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति में देश के प्रतिष्ठित ट्रेनर्स द्वारा सड़क सुरक्षा के विभिन्न विषयों पर मास्टर ट्रेनिंग दी गई। प्रत्येक जनपद से 4 ब्रांड एंबेस्डर को चुना गया था जिसमें 2 गाइड और 2 स्काउट मास्टर को जिला प्रतिनिधि के रूप में कार्यशाला के लिए भेजा गया था।
कानपुर देहात से शशिप्रभा सचान, शर्मिष्ठा मलिक तथा शशि कुमार शर्मा, सन्तोष द्विवेदी को चुना गया था। अब ये लोग सड़कों पर उतरकर लोगों को जागरूक करेंगे। लोगों से यातायात के नियमों का पालन करवाएंगे और सड़क सुरक्षा के अग्रदूत बनेंगे। परिवहन विभाग की ओर से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित सड़क सुरक्षा संवाद एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का बुधवार को उत्साह, सीख और जागरूकता के संदेश के साथ समाप्त हो गया है।
एआरटीओ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक जिले से चार प्रतिभागियों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। ये युवा अब अपने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा एंबेसडर के रूप में काम करेंगे। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर, परिवहन आयुक्त किंजल सिंह, अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) संजय सिंह, अपर परिवहन आयुक्त (राजस्व) आरके विश्वकर्मा, मयंक ज्योति, राधे श्याम, आरटीओ लखनऊ जोन संजय तिवारी आदि मौजूद रहे।
अपने जिलों में फैलाएंगे जागरूकता
प्रतिभागियों ने बताया कि वे अपने-अपने जिलों में लौटकर 100 से 200 लोगों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाएंगे। इस पहल से न केवल युवाओं में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।



