स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, 11 अगस्त से शुरू हुआ मिशन सेफ प्यूपिल 2 अभियान
स्कूली वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने और स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है

राजेश कटियार,कानपुर देहात। स्कूली वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने और स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार जिले में 11 अगस्त 2026 से 25 अगस्त 2026 तक मिशन सेफ प्यूपिल 2 विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह आदेश जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और स्कूलों के प्रधानाचार्यों/प्रबंधकों को कड़ाई से पालन करने के लिए भेजा गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने वाले स्कूलों को रेड सूची में डाल दिया जाएगा। सभी विद्यालयों को अपने यहाँ गठित विद्यालय स्तर की परिवहन सुरक्षा समिति की बैठकें हर साल जुलाई, अक्टूबर और अप्रैल में अनिवार्य रूप से करनी होंगी। इसके साथ ही स्कूल में संचालित सभी वाहनों का विवरण और संबंधित दस्तावेज अपडेट रखने होंगे। मान्यता प्राप्त और अनुबंधित स्कूली वाहनों के चालकों की नियमित काउंसलिंग की जाएगी। उन्हें यातायात नियमों, निर्धारित गति सीमा, बच्चों की सुरक्षा और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग और परिवहन विभाग के सहयोग से स्कूली वाहन चालकों के लिए स्वास्थ्य और आँख जांच शिविर लगाए जाएंगे। फिटनेस प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही चालक वाहन चला सकेंगे। सभी स्कूलों को इस अभियान के तहत की गई कार्यवाही का एक प्रमाण पत्र 25 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) कानपुर देहात के माध्यम से जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति को उपलब्ध कराना होगा। बार-बार निर्देश और नोटिस दिए जाने के बावजूद जो स्कूल अपने वाहनों की फिटनेस, परमिट या अन्य सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करेंगे उनकी मान्यता रद्द करने की कार्यवाही की जाएगी। ऐसे स्कूलों की सूची रेड लिस्ट के रूप में परिवहन विभाग को सौंपी जाएगी।



