होनहार: महज 23 साल की उम्र में आकाश शुक्ला बने समाज कल्याण अधिकारी, पुखरायां का नाम किया रोशन
आकाश शुक्ला की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य बड़ा हो और मेहनत सच्ची, तो सफलता कदम चूमती है।

पुखरायां, कानपुर देहात | अक्सर यह माना जाता है कि छोटे शहरों या ग्रामीण अंचलों में बेहतर शिक्षा और माहौल का अभाव होता है, लेकिन पुखरायां के एक युवा ने अपनी मेहनत से इस धारणा को पूरी तरह गलत साबित कर दिया है। पुखरायां निवासी आकाश शुक्ला ने मात्र 23 वर्ष की अल्पायु में यूपीपीसीएस (UPPCS) परीक्षा उत्तीर्ण कर समाज कल्याण अधिकारी का पद हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
साधारण पृष्ठभूमि से असाधारण सफलता
आकाश शुक्ला की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य बड़ा हो और मेहनत सच्ची, तो सफलता कदम चूमती है। आकाश के पिता शैलेंद्र शुक्ला घर पर ही एक जनरल स्टोर की दुकान चलाते हैं और माता संजू देवी गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद आकाश ने अपनी पढ़ाई को कभी प्रभावित नहीं होने दिया। उनकी छोटी बहन आंचल शुक्ला एमबीबीएस कर रही हैं, जो इस परिवार के शिक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
शिक्षा का सफर: पुखरायां से दिल्ली और हैदराबाद तक
आकाश की प्रारंभिक शिक्षा पुखरायां के ही दीनदयाल शिक्षा निकेतन जूनियर हाईस्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय, जलालपुर से पूरी की। अपनी उच्च शिक्षा के लिए आकाश ने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) का रुख किया, जहाँ से उन्होंने ग्रेजुएशन किया। इसके उपरांत उन्होंने हैदराबाद से पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की और वर्तमान में वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से पीएचडी कर रहे हैं।
बधाई देने वालों का लगा तांता
आकाश की इस बड़ी सफलता की खबर जैसे ही पुखरायां पहुंची, उनके घर पर जश्न का माहौल हो गया। परिजनों और क्षेत्रीय लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी साझा की। आकाश ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है।



