13 साल बाद आया फैसला: महिला ने सरेआम की थी मारपीट और गाली गलौज, अब कोर्ट में कुबूल किया अपना गुनाह!
कानपुर देहात के भोगनीपुर का चर्चित मामला, ऑपरेशन कनविक्शन के तहत पुलिस की दमदार पैरवी से आरोपी महिला को मिली सजा।

कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कनविक्शन का असर अब जमीन पर साफ दिखने लगा है। थाना भोगनीपुर क्षेत्र में 13 साल पहले हुए एक मारपीट और गाली गलौज के मामले में पुलिस की दमदार पैरवी ने आखिरकार पीड़ित को न्याय दिला ही दिया। सबूतों और गवाहों के सामने आरोपी महिला टिक नहीं सकी और उसने अदालत में अपना गुनाह कुबूल कर लिया।
यह पूरा मामला साल 2013 का है। 22 मार्च 2013 को ग्राम हरदुआ ऐमा की रहने वाली अंजुमन पत्नी शमशुद्दीन ने वादी के साथ सरेआम गाली गलौज और जमकर मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस ने धारा 323 और 504 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचक ने मामले की गहराई से पड़ताल की और पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर 27 सितंबर 2013 को आरोप पत्र अदालत में पेश कर दिया था।
भले ही यह मामला सालों तक अदालत में चला, लेकिन पुलिस, कोर्ट पैरोकार और अभियोजन पक्ष ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार गवाहों को अदालत के सामने पेश किया और मजबूत पैरवी जारी रखी। आखिरकार 16 जून 2026 को न्यायालय जेएम भोगनीपुर ने इस मामले में अपना अंतिम फैसला सुनाया। पुख्ता साक्ष्यों और पुलिस की सख्त पैरवी को देखते हुए आरोपी अंजुमन ने अपना जुर्म अदालत में स्वीकार कर लिया।
न्यायालय ने जुर्म साबित होने पर आरोपी अंजुमन को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई और साथ ही 1300 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने अपने फैसले में यह भी साफ किया कि अगर जुर्माना नहीं भरा गया, तो महिला को 10 दिन की साधारण जेल काटनी होगी। पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से इलाके में कानून व्यवस्था को लेकर एक कड़ा संदेश गया है कि अपराधी चाहे जितना पुराना हो, कानून के हाथ उस तक पहुंच ही जाते हैं।



