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बीजेपी के खिलाफ प्रचार करेंगे किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी, जाने डिटेल

राजनीतिक पार्टी बनाने वाले किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि उनका संगठन उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के चुनाव में बीजेपी के खिलाफ प्रचार करेगा. भारतीय किसान यूनियन की हरियाणा यूनिट के प्रमुख चढूनी ने पिछले साल संयुक्त संघर्ष पार्टी के नाम से अपनी पार्टी बनाई है.

पंजाब,अमन यात्रा  : राजनीतिक पार्टी बनाने वाले किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि उनका संगठन उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के चुनाव में बीजेपी के खिलाफ प्रचार करेगा. भारतीय किसान यूनियन की हरियाणा यूनिट के प्रमुख चढूनी ने पिछले साल संयुक्त संघर्ष पार्टी के नाम से अपनी पार्टी बनाई है. उनकी पार्टी ने पंजाब में किसान नेता बलवीर सिंह राजेवाल की संयुक्त समाज मोर्चा के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. चढ़ूनी और राजेवाल नरेंद्र मोदी सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ चले आंदोल में शामिल थे.

किसानों से क्या अपील की है चढूनी ने

चढूनी गुट ने बीजेपी के खिलाफ प्रचार करने का फैसला हरियाणा के कुरुक्षेत्र में संघ से जुड़े किसानों की राज्य स्तरीय बैठक में लिया. बैठक की अध्यक्षता चढूनी ने की. उन्होंने कहा कि इन राज्यों में बीजेपी उम्मीदवारों का विरोध करने का फैसला सबकी सहमति से लिया गया है.

चढूनी ने अपने समर्थकों से पंजाब में उन निर्वाचन क्षेत्रों में जाने का आग्रह किया, जहां संयुक्त संघर्ष पार्टी और संयुक्त समाज मोर्चा के साथ गठबंधन में 10 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. उन्होंने हरियाणा से अपने समर्थकों से पंजाब जाने और 20 फरवरी को होने वाले चुनाव में अपने 10 उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने की अपील की. उन्होंने कहा कि पंजाब चुनाव के बाद वह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बीजेपी उम्मीदवारों के खिलाफ प्रचार करेंगे.

 

चढूनी ने एक वीडियो संदेश में कहा कि हमें ऐसे लोगों का विरोध करने का मौका मिला है, जिन्होंने हमें एक साल से अधिक समय तक अपमानित किया. उन्होंने उत्तर प्रदेश के किसानों से बीजेपी के खिलाफ वोट करने का भी अपील की, जिसने किसानों को एक साल से अधिक समय तक अपमानित किया. उन्होंने किसानों को यूपी में बीजेपी की हार सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी कि लखीमपुर खीरी में किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. अगर बीजेपी यूपी में सत्ता में लौटती है तो और अधिक किसानों को चुनाव के बाद कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

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