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सीएसजेएमयू में अखिल भारतीय अंतरविश्वविद्यालीय जूडो प्रतियोगिता कल से

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में अखिल भारतीय अन्तर विश्वविद्यालयीय जूडो प्रतियोगिता 22 मार्च मंगलवार से शुरु होगी। महिला जूडो वर्ग की प्रतियोगिता 22 से 24 मार्च तक तथा पुरुष जूडो प्रतियोगिता 25 से 27 मार्च तक खेली जायेगी।

कानपुर,अमन यात्रा । छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में अखिल भारतीय अन्तर विश्वविद्यालयीय जूडो प्रतियोगिता 22 मार्च मंगलवार से शुरु होगी। महिला जूडो वर्ग की प्रतियोगिता 22 से 24 मार्च तक तथा पुरुष जूडो प्रतियोगिता 25 से 27 मार्च तक खेली जायेगी। इस प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 183 विश्वविद्यालयों के प्रतिभागी भाग लेंगे, जिसमें लगभग 500 महिलाएं तथा 600 पुरुष है। प्रतियोगिता की अध्यक्षता कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक करेंगे तथा उद्घाटन चन्द्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति प्रो. डी.आर. सिंह द्वारा किया जायेगा।

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महिलाओं में $78 किलोग्राम, 78 किलोग्राम, 70 किलोग्राम, 63 किलोग्रम, 57 किलोग्राम, 52 किलोग्राम, 48 किलोग्राम, सात वर्गों में विभिन्न स्पर्धा आयोजित जायेगी। पुरुषों में $100 किलोग्राम, 100 किलोग्राम, 90 किलोग्राम, 81 किलोग्राम, 73 किलोग्राम, 66 किलोग्राम, 60 किलोग्राम सात वर्गों में विभिन्न स्पर्धा आयोजित होगी। 22 मार्च से शुरु होने वाली जूडो प्रतियोगिया का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर स्थित बहुउद्देशीय हॉल में किया जायेगा, जिसमें उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, आदि कई राज्यों के विश्वविद्यालयों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहें है। कोविड नियमों के अनुपालन के साथ शुरू हो रही इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों/कोच/मेनेजर को वैक्सीनेशन की दोनों डोज़ लगी होनी अनिवार्य है, जो प्रतिभागी/कोच/मेनेजर वैक्सीनेटड नही है तो उससे उसकी आर.टी.पी.सी.आर रिपोर्ट ली गयी है।

 

आयोजन सचिव डॉ. आर.पी.सिंह ने बताया की प्रतियोगिता के लिए विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया है, जैसे आवासीय कमेटी, पंजीकरण कमेटी, फूड कमेटी आदि। ये सभी कमेटियां प्रतियोगिता से जुड़ें कार्यों को सुविधाजनक तरीके से आयोजित करवाने के लिए की गयी है। प्रतिभागियों को स्टेशन से विश्वविद्यालय तक लाने के लिए तीन बसों का प्रबंध किया गया है, जिससे प्रतिभागियों के किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। इसके साथ ही प्रतिभागियों के रहने तथा खाने की व्यवस्था भी विश्वविद्यालय परिसर में की गयी है।

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