दगाबाज यार! सीने में उतार दी गोली, 36 घंटे में औरैया पुलिस ने दबोचा
नलकूप के कमरे में हुई थी वारदात, लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद।
- औरैया पुलिस ने 36 घंटे में सुलझाई दोस्त की हत्या की गुत्थी।
- एसपी अभिषेक भारती के नेतृत्व में सर्विलांस टीम को मिली बड़ी सफलता।
- हथियार लापरवाही से देने वाले लाइसेंस धारक पर भी केस दर्ज।
औरैया में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे पुलिस अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। शहर के गोविंद नगर इलाके में हुई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने महज 36 घंटे में सुलझा लिया है। हैरानी की बात यह है कि मृतक का हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसका अपना ही दोस्त निकला। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर इस पूरे मामले का खुलासा किया और बताया कि मामूली कहासुनी ने कैसे एक दोस्त को कातिल बना दिया।
मामूली कहासुनी में चली गोली
घटना 29 दिसंबर 2025 की रात की है। मृतक किशन, जो नगर पालिका इंटर कॉलेज स्थित नलकूप पर संविदा कर्मी था, अपने दोस्त ओमजी गुप्ता उर्फ अभिषेक के साथ बैठा था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर ओमजी ने अपने पास मौजूद लाइसेंसी रिवॉल्वर से किशन के सीने में गोली मार दी। इसके बाद घबराहट में वह अपने साथियों के साथ किशन को जिला अस्पताल छोड़कर फरार हो गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
36 घंटे में पुलिस ने दबोचा
घटना के बाद वादी अशोक गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज किया और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की गईं। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने 31 दिसंबर की तड़के एलजी गार्डन के पास नहर पुलिया से मुख्य आरोपी ओमजी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इतनी तत्परता दिखाई कि अपराधी को भागने का मौका नहीं मिला।
लाइसेंसी रिवॉल्वर बनी काल
पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई 32 बोर की लाइसेंसी रिवॉल्वर, तीन जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया है। जांच में सामने आया कि यह रिवॉल्वर अनूप कुमार गुप्ता के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस ने लापरवाही बरतने और शस्त्र का गलत इस्तेमाल होने देने के आरोप में लाइसेंसधारी अनूप कुमार गुप्ता के खिलाफ भी आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत कार्यवाही शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी का पिछला आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
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