कानपुर देहात

मिशन शक्ति : बालिकाओं की सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी

  कस्बे के राम स्वरूप ग्रामोद्योग पीजी महाविद्यालय के बाहर राष्ट्रीय इकाई योजना के अंतर्गत, मिशन शक्ति जागरुकता कैम्प का आयोजन किया गया.

पुखरायां कानपुर देहात। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन के प्रति जागरूकता लाने के लिए शनिवार को कस्बे स्थित राम स्वरुप ग्रामोधोग डिग्री कॉलेज में राष्ट्रीय इकाई योजना के तहत एनसीसी कैडेट ने मिशन शक्ति जागरूकता अभियान की शुरुआत की। इसके अंतर्गत विद्यालय के छात्र-छात्राओ व वहा से गुजरने वाली महिलाओ को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया।

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इस अवसर पर इग्नू समन्वयक डॉ. पर्वत सिंह ने कहा कि महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को रोकने के लिए पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी जागरूक करने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि महिला सुरक्षा के लिए विभिन्न थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं ताकि महिला संबंधित अपराधों में वे संवेदनशीलता से काम करें। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को लैंगिक आधार पर दबाना गलत है। बालिकाओं को मजबूत करने के लिए उनके शारीरिक ही नहीं मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना चाहिए। बालिकाओं की सुरक्षा अभिभावकों की ही नहीं पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा महिलाओं के प्रति समाज की धारणाओं को भी बदलने की जरूरत है। बालिकाओं ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि यदि उन्हें अवसर मिले तो वो प्रत्येक क्षेत्र में अच्छा योगदान दे सकती हैं।

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एन.एस.एस प्रभारी डॉ. केके सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए जारी किए गए हेल्प लाइन नम्बर-1090 वूमेन पावर लाइन, 181 महिला हेल्प लाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 1076 मुख्यमंत्री हेल्प लाइन, 1098 चाइल्ड लाइन, 102 स्वास्थ्य सेवा तथा 108 एम्बुलेन्स सेवा आदि का उपयोग करे। उन्होंने कहा कि घर में एक बच्चा जब जन्म लेता है तो उसकी प्रथम शिक्षिका मां होती है। मां का यह दायित्व बनता है कि वह बेटे और बेटी में कोई भेदभाव ना करे। बेटे व बेटी दोनों एक समान हैं। एक समान दोनों को बराबर अवसर उपलब्ध कराएं।

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वही एन.सी.सी प्रभारी डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि नारी सुरक्षा सम्मान के लिए लोगों को व्यापक जनजागरूकता से जोड़ना होंगा। इसके लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने होंगे, जिससे समाज जुड़कर उत्तरोत्तर प्रगति करें। अब तो सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क काम करना शुरू कर दिया है जहां पर केवल महिला पुलिस अधिकारी ही पीड़ित महिला की समस्या को सुनेंगी। कोई भी पीड़ित छात्रा/युवती/महिला हेल्प डेस्क में जाकर अपनी शिकायत या समस्या दर्ज करा सकती है। वही कोतवाली महिला हेल्प डेस्क में महिला आरक्षी की ड्यिूटी लगायी गयी है। जहां पीड़ित महिला के आने पर उसकी शिकायत रजिस्टर में दर्ज की जायेंगी तथा उसे प्राप्ति रसीद भी दी जायेंगी। इस दौरान डॉ. हेमेन्द्र,संजय सिंह,आशीष कुमार व छात्र-छात्राओ में मुश्कान,प्रियांशी,कविता,दीपक शैलेश आदि मौजूद रहे।

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