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छात्रों को समकालीन शिक्षा से लैस करने दृष्टि से शोध में नवाचार जरूरीः अरविन्द कुमार झा

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में हाइब्रिड मोड में ‘‘संचार अनुसंधान और शोध प्रस्ताव की तैयारी’’ विषय पर चल रहे 7 दिवसीय मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम के तहत छात्रों को गुणात्मक और मात्रात्मक शोध के बारे में सहज और अर्थपूर्ण जानकारी दी गई।

Story Highlights
  • पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में कम्युनिकेशन रिसर्च विषयक वैल्यू एडेड कोर्स में विशेष व्याख्यान का आयोजन

कानपुर,अमन यात्रा । छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में हाइब्रिड मोड में ‘‘संचार अनुसंधान और शोध प्रस्ताव की तैयारी’’ विषय पर चल रहे 7 दिवसीय मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम के तहत छात्रों को गुणात्मक और मात्रात्मक शोध के बारे में सहज और अर्थपूर्ण जानकारी दी गई। चौथे दिन के तकनीकी सत्र में गुणात्मक और मात्रात्मक शोध विषय पर बोलते हुए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय नई दिल्ली के शिक्षा विभाग के प्रोफेसर और प्रख्यात शोधकर्ता अरविंद कुमार झा ने गुणात्मक और मात्रात्मक अनुसंधान विधियों के बारे में कहा कि मात्रात्मक शोध की अपनी महत्ता है और गुणात्मक शोध की अपनी महत्ता है। समाज विज्ञान के क्षेत्र में गुणात्मक शोध पर अधिक जोर दिया जाता है। ताकि इससे समाज के बारे में नई अवधारणाओं और समझ को विकसित किया जा सके। मीडिया के क्षेत्र में भी मात्रात्मक की जगह गुणात्मक शोध अधिक प्रभावी होता है। लोगों की भावनाओं, शैलियो, भाषाओं आचार-व्यावहार को जानने के लिए गुणात्मक शोध काफी सहायक होता है। प्रो. झा ने मीडिया और संचार के क्षेत्र में गुणात्मक अनुसंधान और इसके संभावित अनुप्रयोगों के महत्व और प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने सैद्धांतिक रूपरेखा, डेटा संग्रह के तरीके, आवश्यक कौशल-सेट, निष्कर्षों की व्याख्या और रिपोर्ट करने और प्रक्रिया के दौरान प्राप्त होने वाली किसी भी तरह की बाधाओं पर काबू पाने सहित अनुसंधान प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को छुआ। प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए, प्रो झा ने गुणात्मक डेटा विश्लेषण के लिए विभिन्न उपकरणों एटलस, टीआई और एनवीवो के उपयोग पर प्रकाश डाला। प्रो0 झा ने इस बात पर जोर दिया कि सभी शोध गतिविधियों का प्राथमिक उद्देश्य ज्ञान निर्माण होना चाहिए और यह कि आगमनात्मक अनुसंधान प्रतिक्रिया की आवश्यकता है, जो कई सामाजिक मुद्दों को संबोधित कर सकता है।

इससे पहले सत्र की शुरुआत कोर्स के संयोजक सहायक आचार्य डॉ. ओमशंकर गुप्ता ने रिसोर्स पर्सन तथा विषय परिचय के साथ किया। सत्र की अध्यक्षता पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. जीतेंद्र डबराल ने की। इस अवसर पर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. योगेन्द्र कुमार पाण्डेय, डॉ. दिवाकर अवस्थी (सहायक आचार्य), डॉ. विशाल शर्मा (मीडिया प्रभारी), प्रेम किशोर शुक्ला, सागर कनौजिया और बीएजेएमसी, एमएजेएमसी और पीजीडीजेएमसी के छात्र शामिल रहे। वैल्यु एडेड कोर्स के संयोजक डॉ. ओम शंकर गुप्ता ने संचालन और विभाग की वरिष्ठ फैकल्टी डॉ. रश्मि गौतम ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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