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पदोन्नति में अर्हकारी सेवा से छूट पाना कार्मिक का हक नहीं 

पदोन्नति में अर्हकारी सेवा से छूट पाना किसी कार्मिक का अधिकार नहीं है हालांकि नियुक्ति प्राधिकारी कार्य हित में अपने विवेक से इसमें छूट देने का निर्णय ले सकते हैं इसके लिए वे स्वतंत्र होते हैं। इस बारे में अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने सभी विभागों के सचिवों, प्रमुख सचिवों व अपर मुख्य सचिवों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं।

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  • पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में शि‍थि‍लीकरण देने में स्वतंत्र होता है नियुक्ति प्राधिकारी 

अमन यात्रा : कानपुर देहात – पदोन्नति में अर्हकारी सेवा से छूट पाना किसी कार्मिक का अधिकार नहीं है हालांकि नियुक्ति प्राधिकारी कार्य हित में अपने विवेक से इसमें छूट देने का निर्णय ले सकते हैं इसके लिए वे स्वतंत्र होते हैं। इस बारे में अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने सभी विभागों के सचिवों, प्रमुख सचिवों व अपर मुख्य सचिवों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं।

शासनादेश में कहा गया है कि इस बारे में सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट आदेश दिया है। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण नियमावली 2006 ( यथा संशोधित) की व्यवस्थाओं के आधार पर अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण के प्रकरणों का निस्तारण किया जाए। आमतौर पर पांच साल की सेवा पूरी होने पर ही कार्मिक पदोन्नति के हकदार माने जाते हैं।

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