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कानपुर देहात: टूटे रिश्तों को मिली ‘नई किरण’, बिखरने से बचे 4 हंसते-खेलते परिवार

एसपी श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय की पहल लाई रंग: पुलिस लाइन से गिले-शिकवे भुलाकर एक साथ घर लौटे दंपती

कानपुर देहात: अक्सर छोटी-छोटी गलतफहमियां हंसते-खेलते परिवारों में दरार डाल देती हैं, लेकिन जब खाकी वर्दी का फर्ज और मानवीय संवेदनाएं मिल जाएं, तो टूटते रिश्ते भी जुड़ जाते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा आज कानपुर देहात की पुलिस लाइन में देखने को मिला, जहां मिशन शक्ति 5.0 के तहत प्रोजेक्ट नई किरण ने 4 परिवारों को बिखरने से बचा लिया।

पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार में आज परिवार परामर्श केंद्र का आयोजन किया गया। यहां कुल 37 मामले सामने आए, जिनमें पति-पत्नी के बीच मनमुटाव और गृह क्लेश की शिकायतें थीं।

काउंसलिंग के दौरान पुलिस टीम और काउंसलर्स ने बहुत ही धैर्य और सूझबूझ से दोनों पक्षों की बात सुनी। घंटों की बातचीत और समझाने-बुझाने के बाद, 04 जोड़े पुरानी कड़वाहट भुलाकर फिर से एक साथ रहने को राजी हो गए। जब पति-पत्नी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और साथ घर जाने के लिए रजामंद हुए, तो वहां मौजूद हर शख्स के चेहरे पर मुस्कान आ गई। बाकी मामलों में अगली तारीख दी गई है ताकि उन्हें भी सोचने का मौका मिल सके।

टूटे दिलों को जोड़ने और परिवारों को एक सूत्र में पिरोने के इस नेक काम में पुलिस विभाग और समाजसेवियों की पूरी टीम ने अहम भूमिका निभाई। इस सराहनीय प्रयास में थानाध्यक्ष सुषमा, म.हे.का. जयमाला, म.कां. रीनू, म.कां. शालू देवी, म.कां. शिवम पाण्डेय तथा प्रोजेक्ट नई किरण के सदस्य डॉ. पूनम गुप्ता, रामप्रकाश और जिआऊल हक का विशेष सहयोग रहा।

प्रोजेक्ट नई किरण सिर्फ एक पुलिसिया कार्रवाई नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने की एक मुहिम है। आज 4 घरों में फिर से खुशियां लौटी हैं, जो यह साबित करता है कि संवाद और थोड़ी सी समझदारी से हर रिश्ते को बचाया जा सकता है।

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