अमराहट पुलिस की पैरवी से 12 साल पुराने शराब तस्करी मामले में तीन को सजा
प्रत्येक को ₹ 6500/- के अर्थदण्ड़ से दण्डित किया गया ।

कानपुर देहात: बीते साल 04.08.2014 को अभियुक्तगण के कब्जे से अवैध शराब बरामद होने के सम्बन्ध में अभियोग पंजीकृत किया गया था । जिसमें अभियुक्तगण 1.अंशू पुत्र राम सिंह, 2.शिवमोहन पाल पुत्र लालता प्रसाद, 3.चन्द्र प्रकाश पुत्र राजू निवासीगण नारायणपुर थाना औरया, जनपद औरया को माननीय न्यायालय जेएम भोगनीपुर, जनपद कानपुर देहात द्वारा दोष सिद्ध करते हुए जेल में बितायी गयी अवधि की सजा एवं प्रत्येक को ₹ 6500/- के अर्थदण्ड़ से दण्डित किया गया ।
घटना का विवरण
दिनांक 04.08.2014 को अभियुक्तगण 1.अंशू पुत्र राम सिंह, 2.शिवमोहन पाल पुत्र लालता प्रसाद, 3.चन्द्र प्रकाश पुत्र राजू निवासीगण नारायणपुर थाना औरया, जनपद औरया के कब्जे से 35 पेटी (कुल 1575 क्वार्टर) अवैध देशी शराब बरामद होने के सम्बन्ध में थाना अमराहट पर मु0अ0सं0 30/2014 धारा 60 आबकारी अधिनियम बनाम अभियुक्तगण उपरोक्त पंजीकृत किया गया था।
पुलिस की त्वरित कार्यवाही
विवेचक द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए वादी व गवाहान द्वारा वास्तविक तथ्यों के आधार पर व गवाही देने के आधार पर साक्ष्य संकलन कर विवेचना निस्तारित कर मुकदमें में नामित अभियुक्तगण 1.अंशू पुत्र राम सिंह, 2.शिवमोहन पाल पुत्र लालता प्रसाद, 3.चन्द्र प्रकाश पुत्र राजू उपरोक्त के विरुद्ध आरोप पत्र दिनांक 28.08.2014 को माननीय न्यायालय प्रेषित किया गया । माननीय न्यायालय में पेश किये गये साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्तगण को दोषी ठहराया गया ।
अपराधी को सजा दिलाये जाने हेतु ऑपरेशन_कन्विक्शन चलाया जा रहा है। उक्त अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उच्चाधिकारियों द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये हैं, इसी क्रम में थाना अमराहट पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन व मॉनिटरिंग सेल द्वारा सतत् एंव प्रभावी पैरवी करते हुए सही तथ्यों पर गवाहान की गवाही माननीय न्यायालय के समक्ष करायी गयी ।
न्यायालय द्वारा दिया गया निर्णय
माननीय न्यायालय जेएम भोगनीपुर , जनपद कानपुर देहात द्वारा दिनांक 20.02.2026 को अभियुक्तगण 1.अंशू पुत्र राम सिंह, 2.शिवमोहन पाल पुत्र लालता प्रसाद, 3.चन्द्र प्रकाश पुत्र राजू निवासीगण नारायणपुर थाना औरया, जनपद औरया द्वारा जुर्म स्वीकार करने पर दोष सिद्ध करते हुए जेल में बितायी गयी अवधि की सजा व प्रत्येक को ₹ 6500/- के अर्थदण्ड़ से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड अदा न करने पर 30 दिवस के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। यह सजा समाज में कानून और शान्ति व्यवस्था व अपराधों में अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



