कानपुर : घाटमपुर में ओले गिरने से गेहूं की फसल को भारी नुकसान
दैवी आपदा से कई गांव प्रभावित,तहसील प्रशासन करेगा क्षति का आंकलन

अवध दीक्षित,घाटमपुर (कानपुर)। आज शनिवार की शाम अचानक मौसम के बिगड़े रूप के बाद तहसील क्षेत्र के कई गांवो में बारिश के साथ ओले गिरने से गेहूं की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है। तहसील प्रशासन ने दैवी आपदा में हुए नुकसान का आकलन करने की बात कही है। वहीं, देर शाम तक किसान अपने खेतों की दुर्दशा देखने में परेशान थे।
शनिवार की शाम करीब 4: 00 बजे के आसपास अचानक मौसम का रुख बिगड़ गया। आसमान में छाए घने काले बादलों से बारिश शुरू होने के साथ ही ओले गिरने शुरू हो गए।
देर शाम तक प्राप्त जानकारी के अनुसार तेजपुर, कुंवरपुर, तिलसड़ा, नंदना, पतरसा, स्योंढारी, कटेठा, बरौली, चवर तरगाव और बंबुराहा समेत करीब 15 गांवो में ओलावृष्टि होने से गेहूं की 50 फ़ीसदी से अधिक फसल बर्बाद हो गई है। किसानों ने बताया कि ओले गिरने से पेड़ों की छोटी-मोटी डालें भी टूटकर गिर गई। वहीं कई जगह छोटे-छोटे पशु पक्षी भी घायल हुए और बड़ी संख्या में मृत पाए गए। गांववालों ने बताया की ओलावृष्टि दो चरणों में हुई।
बताया कि इसके साथ ही बारिश होने से भी खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल को नुकसान होने की आशंका है। जबकि ओले गिरने से गेहूं की खड़ी फसल की बालियां और पौधे टूटकर खेतों में गिर गए है। मौसम की मार से तबाह हुए किसान खेतों की दुर्दशा देखकर खून के आंसू बहा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अभी गेहूं की फसल की कटाई शुरू हुई है। बताया कि मुश्किल से 5-10 फ़ीसदी फसल की कटाई हो पाई है। जबकि 90 फ़ीसदी फसल खेतों में खड़ी हुई है। ओलावृष्टि और बारिश से उनकी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। बताया कि साल भर खून पसीने की मेहनत की कमाई दुर्दशा देखकर वह परेशान हैं।
इस संबंध में घाटमपुर उप जिलाधिकारी अविचल प्रताप सिंह ने बताया कि तहसील क्षेत्र के कुछ गांवो में ओलावृष्टि और बारिश से फसल के नुकसान होने की सूचना मिली है। बताया है कि रात हो जाने के चलते अभी सही आकलन नहीं किया जा सकता। इसके लिए टीमें गठित कर दी गई है। जो रविवार सुबह से क्षेत्र में भ्रमण करके अपनी रिपोर्ट देंगी। उसके अनुसार किसानों को मुआवजे के लिए रिपोर्ट भेजने की कारवाई की जाएगी।
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