कानपुर देहात में जीएसटी चोरों पर कसेगा शिकंजा पुलिस को मिली खास ट्रेनिंग
रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में विवेचकों को सिखाए गए जांच के गुर

कानपुर देहात: जनपद में आर्थिक अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और जीएसटी चोरी से जुड़े मामलों की जांच को उच्च स्तर पर ले जाने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के मार्गदर्शन में रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित सभागार कक्ष में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य विवेचकों को जीएसटी चोरी से संबंधित मामलों की विवेचना में और अधिक दक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण बनाना था। कार्यक्रम के दौरान संयुक्त निदेशक अभियोजन अजय कुमार श्रीवास्तव और ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी अविनाश चतुर्वेदी ने उपस्थित अधिकारियों को कानून की बारीकियों से अवगत कराया।
इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान विवेचकों को गिरफ्तारी मेमो, व्यक्तिगत मेमो और जमानत प्रार्थना पत्रों के लिए निर्धारित 19 बिंदुओं के मानक प्रारूपों के बारे में विस्तार से समझाया गया। इसके साथ ही माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद को भेजे जाने वाले महत्वपूर्ण अभिलेखों, सूचनाओं और प्रस्तरवार आख्या तैयार करने की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। सत्र में विशेष रूप से जीएसटी से जुड़े जटिल आर्थिक अपराधों की जांच, ठोस सबूतों के संकलन, उनके सही दस्तावेजीकरण और न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से पक्ष रखने की तकनीकों पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञों ने वास्तविक मामलों के उदाहरण पेश करते हुए इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए ताकि विवेचक भविष्य में जीएसटी चोरी के मामलों में अधिक सटीक और समयबद्ध जांच कर सकें। यह पहल जनपद पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है जो सरकार की आर्थिक अपराधों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद के समस्त थाना प्रभारी, शाखा प्रभारी और विवेचक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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