सावधान! कानपुर में अब बेजुबानों पर क्रूरता की तो खैर नहीं: जिलाधिकारी ने SPCA को किया ‘सुपर एक्टिव’, दो शिफ्ट में तैनात रहेंगे डॉक्टर!
बिना रजिस्ट्रेशन पेट शॉप चलाने वालों पर कसेगा शिकंजा; हर जानवर का हिसाब रखना होगा अनिवार्य, डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के कड़े तेवर।

कानपुर नगर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट भवन में नव नियुक्त एसपीसीए (सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स) सदस्यों के साथ बैठक आयोजित हुई। बैठक में नवनियुक्त सदस्यों का परिचय कराया गया तथा संस्था के प्रभावी संचालन और पशु कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने समिति को एसपीसीए के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सक्रिय और जिम्मेदारीपूर्ण ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसपीसीए के लिए एक निजी पशु चिकित्सक की नियुक्ति नियमानुसार चयन प्रक्रिया के माध्यम से कराने को कहा।
बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि एसपीसीए के लिए उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया जाए। साथ ही एसपीसीए में दो पालियों में पशु चिकित्सकों की ड्यूटी लगाए जाने के निर्देश दिए गए। पहली पाली दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक तथा दूसरी पाली 2 बजे से 4 बजे तक निर्धारित की गई है। आकस्मिक परिस्थितियों के लिए अलग से ड्यूटी रोस्टर तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में संचालित समस्त पेट शॉप्स का पंजीकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही विक्रय किए जाने वाले पशुओं का पूरा विवरण और रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए, जिससे पशु कल्याण से संबंधित नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
नगर निगम के मुख्य पशु कल्याण अधिकारी को पशु चिकित्सकों के बैठने के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे जैन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनुराग सिंह, मुख्य पशु कल्याण अधिकारी नगर निगम, उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदर, पशु चिकित्साधिकारी कल्याणपुर एवं रूमा सहित एसपीसीए के सदस्य उपस्थित रहे।



