सावधान! कानपुर देहात के स्कूलों के लिए नई गाइडलाइंस जारी, जानें क्या बदले नियम
भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि, बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़े किए नियम

लखनऊ/ कानपुर देहात में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। शिक्षा विभाग के सचिव ने छात्र-छात्राओं को हीट वेव (लू) के खतरे से बचाने के लिए बेहद कड़े दिशा-निर्देश और व्यापक गाइडलाइंस जारी की हैं। इन नियमों का सभी परिषदीय विद्यालयों को कड़ाई से पालन करना होगा। सचिव के आदेशों के क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) आशीष कुमार पाण्डेय ने जिले के सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को जरूरी हिदायत और निर्देश भेज दिए हैं।
धूप तेज होने से पहले खत्म होंगी बाहरी गतिविधियां, रेड अलर्ट पर पूरी रोक
नए निर्देशों के अनुसार, अब स्कूलों में प्रार्थना सभा, खेलकूद और शारीरिक शिक्षा जैसी सभी आउटडोर (बाहरी) गतिविधियां सुबह 8 बजे से पहले ही संपन्न कर ली जाएंगी। इसके बाद बच्चों को धूप में नहीं निकाला जाएगा। यदि मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी किया जाता है, तो किसी भी तरह की कठिन शारीरिक या आउटडोर गतिविधि पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। इसके साथ ही, हर स्कूल को अपने स्तर पर एक विशेष ‘स्कूल हीट एक्शन प्लान’ तैयार करना होगा। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्कूल परिसर में जरूरी संपर्क नंबरों को बड़े और साफ अक्षरों में प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है।
हर 20 मिनट में पानी पीना जरूरी, स्कूलों में ओआरएस किट अनिवार्य
बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे हर 20 से 30 मिनट में बच्चों को पानी पीने के लिए प्रेरित करें, भले ही बच्चों को प्यास न लगी हो। स्कूलों को हर हाल में साफ और सुरक्षित पेयजल की निरंतर व्यवस्था बनाए रखनी होगी। यदि किसी बच्चे में अत्यधिक पसीना आना, कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर आना या उल्टी जैसे हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) दिया जाएगा। इसके लिए सभी स्कूलों में ओआरएस पैकेट और डिजिटल थर्मामीटर से युक्त एक इमरजेंसी किट रखना अनिवार्य कर दिया गया है। बीएसए आशीष कुमार पाण्डेय ने अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की है कि वे बच्चों को घर से पर्याप्त पानी पिलाकर ही स्कूल भेजें और बच्चे के बीमार होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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